जालन्धर :वालंटियर फॉर सोशल जस्टिस के महासचिव जय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बंधुआ मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों के लिए इन्साफ की गुहार लगाते हुए बंधुआ मजदूरों की दास्तां बताई। इस अवसर पर उनके साथ संगरूर जिले के
बंधुआ मजदूर कुलदीप सिंह भी उपस्थित था। उन्होंने बताया कि कुलदीप सिंह जिसे 1,80,000 /- दे कर 8 लाख के कर्जे में फंसाया गया और अगर वह इस बारे कभी भी अपनी आवाज उठाता तो उसके साथ मारपीट कर उसे चुप करवा दिया जाता है, जब वो तंग आकर भागने की कोशिश करने लगा तो उसके मालिक ने उसे बिजली के झटके लगवा कर दोबारा काम के लिए मजबूर किया गया। इसके बावजूद भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। कुलदीप सिंह ने वालंटियर फॉर सोशल जस्टिस नामक संस्था का आश्रय लिया। इस बीच कुलदीप के मालिक उसके परिवार वालों को तंग करने लगे तो पुलिस को 181 पर सूचना दी गई तो भी पुलिस ने इन मजदूरों का साथ नहीं दिया।

इसी तरह ही भवानीगढ़ के गुरजंट खान के साथ भी ऐसा ही अत्याचार किया जा रहा है, जिसके 90,000/- रुपये दिन रात बंधुआ मजदूरी के 4 साल बाद भी मूल समेत खड़े हैं। प्रेस को सम्बोधित करते हुए वालंटियर फॉर सोशल जस्टिस के जनरल सेक्रेटरी जय सिंह ने बताया कि इतना ही नहीं जब जय सिंह ने इन बंधुआ मजदूरों की मदद की तो इन को भी पुलिस द्धारा खतरे का आभास हुआ, जब उन्हें मिलने आए।
जय सिंह का कहना है कि पंजाब के जमींदारों और पुलिस को मानव अधिकारों को क्षति पहुंचाने से रोकना चाहिए, अगर सरकार गरीब लोगों की मदद नहीं कर सकती तो वो कम से कम संविधान की तरफ से मिले मौलिक अधिकारों को कायम रहने दें।

 

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