जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणेशोत्सव एक महान उत्सव है, आस्था का दामन थामे भक्तों का उत्साह गणेशोत्सव के समय शिखर पर होता है।
नवजीत भारद्वाज जी प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान गणेश से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं और वो हमें कई शिक्षाएं प्रदान करती हैं। गणपति भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं और स्वयं महादेव ने गणेश जी को किसी भी शुभ कार्य में प्रथम पूज्य होने का आशीर्वाद प्रदान किया है।
भगवान शंकर ने गणपति को गज मुख प्रदान किया है। ऐसा प्रतीत होता है कि भगवान गणेश का गज मुख को स्वीकार करना भी एक अद्भुत लीला है और जो उन्होंने इसलिए ही रची है ताकि उनके मुख से मानव जाति को शिक्षा प्राप्त हो सकें। गणेश जी की रूप कल्पना अद्भुत है। उनके रूप का विश्लेषण किसी भी व्यक्ति के लिए शिक्षाप्रद है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि उनका गज के समान मस्तक व्यक्ति को विवेकशील होने की शिक्षा देता है। उनका बड़ा मस्तक हमें यह भान करवाता है कि किसी भी निर्णय को लेने से पहले अपने दिमाग का उपयोग अच्छी तरह से कर लेना चाहिए और बहुत सोच विचार कर ही निर्णय लेना चाहिए।
उनके गज मुख वाले कान हैं। उनके कान जो आकार में विशाल हैं इस बात का संकेत करते हैं कि जीवन में कान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अर्थात हम कानों के माध्यम से क्या सुन रहे हैं यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह इस बात का प्रतीक हैं कि व्यक्ति को हमेशा दूसरों की बात सुनने के लिए तत्पर रहना चाहिए। दूसरों की बात नहीं सुनने वाला व्यक्ति कभी सफल नहीं हो पाता है क्योंकि उसे जीवन में क्या चल रहा है इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। लेकिन दूसरे की बात पर कैसी प्रतिक्रिया देनी है, उस बात को अपनाना है या नहीं इसका निर्णय अपने मस्तिष्क का प्रयोग कर खूब सोच-विचार के बाद ही करना चाहिए।
गणेश जी का बड़ा पेट जो एक गज की भांति है, यह संकेत करता है कि जीवन में भरण-पोषण एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। व्यक्ति को सदैव अपना और अपने परिवार का स्वाभिमान के साथ भरण-पोषण करना चाहिए। भरण-पाोषण के कार्य को अत्यंत आवश्यक मानना चाहिए और अजीविका में निरंतर संलग्न रहना चाहिए क्योंकि यदि व्यक्ति अपना और अपने परिवार का भरण-पाोषण नहीं करेगा तो परिवार कमजोर हो जाएगा।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि गणेश जी को लडडू जैसे सात्विक और मिष्ठान वाले आहार प्रिय हैं जो जीवन में सात्विक आचरण अपनाने की प्रेरणा देते हैं। इसके साथ ही यह संकेत देते हैं कि जीवन में मिठास कभी भी कम नहीं होना चाहिए। चाहे यह मिठास भोजन से संबंधित हो अथवा सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों के बीच रिश्तों वाली मिठास हो। यह इस बात का भी संकेत है कि आप सदैव सात्विक और अच्छा आहार लें और आपस में सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें।
उनका वाहन मूषक है जो यह तथ्य सामने लाता है कि छोटे से छोटे तत्व को भी मंगलमय साधन बनाया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति या प्राणी को छोटा नहीं समझें। भविष्य में प्रयुक्त होने वाले छोटे-छोटे साधनों का नजरअंदाज न करें और उन्हें ध्यान में रखें।
इस अवसर पर रोहित भाटिया, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर,समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया, नरेंद्र ,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, नवीन , प्रदीप, सुधीर,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय,बलदेव सिंह भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन-यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।

Disclaimer : यह खबर उदयदर्पण न्यूज़ को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। उदयदर्पण न्यूज़ इस खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता है। यदि इस खबर से किसी व्यक्ति अथवा वर्ग को आपत्ति है, तो वह हमें संपर्क कर सकते हैं।