जालंधर, 29 जून
जालंधर ज़िला प्रशासन के निर्देशों पर कोविड -19 के साथ सम्बन्धित इलाज में लापरवाही और मुनाफ़ाख़ोरी ख़िलाफ़ ज़ीरो -टोलरैंस की नीति अपनाते हुए एक पत्रकार की तरफ से किये स्टिंग के बाद आर.टी.पी.सी.आर. टैस्ट के लिए अधिक पैसे वसूलने पर लैब मालिक ख़िलाफ़ एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।
इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि न्यूज वैबसाईट ट्रू स्कूप की पत्रकार अवनीत कौर और परीना खन्ना से प्राप्त शिकायत के अनुसार श्री साईं लैब सी /ओ मैटरोपोलिस लैब से अभिषेक की तरफ से आर.टी.पी.सी.आर. टैस्ट के लिए 1500 रुपए की माँग की गई ,जबकि राज्य सरकार की तरफ से इस टैस्ट के लिए 450 रुपए फीस निर्धारित की गई है। शिकायतकर्ता की तरफ से अपने दावे को पुख़्ता करने के लिए एक आडियो रिकार्डिंग भी सौंपी गई, जिस पर सहायक कमिश्नर (शिकायतें) रणदीप सिंह गिल की तरफ से प्राथमिक जांच की गई, जिसमें लैब ख़िलाफ़ दोष सही पाए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि स्थानीय पुलिस अथारिटी को इंडियन पीनल कोड, एपीडैमिक डिसीज़ एक्ट और डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारायों में एफ.आई.आर.दर्ज करने के लिए कहा गया। प्रशासन की तरफ से जारी दिशा- निर्देशों की पालना करते हुए पुलिस विभाग ने लैब ख़िलाफ़ अधिक पैसे वसूल करने पर एफ.आई.आर. दर्ज कर लिए गई है।
दोनों पत्रकारों की तरफ से इस तरह की भ्रष्ट कार्यवाहियों का पर्दाफाश करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों की प्रशंसा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने इस महामारी के दौर में बढिया डाक्टरी सेवाओं को सुनिश्चित बनाने की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराते और लोगों को अधिक पैसे वसूलने के मामले 9888981881, 9501799068 पर वटसऐप के ज़रिये सबूत सहित ज़िला प्रसासन के ध्यान में लाने की अपील की जिससे इन अपराध के दोषियों ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जा सके।