
दिल्ली :- बर्ड फ्लू के प्रकोप के मद्देनजर दिल्ली में अब तक 850 पक्षियों की एवियन इनफ्लुएंजा से मौत हो चुकी है। वहीं, दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर बृहस्पतिवार तक 500 से भी अधिक कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। अभी हस्तसाल पार्क से लिए गए चार नमूनों की रिपोर्ट संदिग्ध है। इसके बाद अन्य मामलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होगी। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राकेश सिंह के मुताबिक, लोगों द्वारा मिल रही शिकायतों को देखते हुए 11 सर्विलांस टीम मौके पर पहुंचकर नमूनों को इकट्ठा कर रही है। राकेश सिंह ने कहा कि विभाग ने लोगों को निर्देश दिया है कि मृत पक्षी मिलने पर उसे नंगे हाथों से न छुए बल्कि हाथों में पॉलिथीन या फिर कोई अन्य चीज पहन लें। इससे संक्रमण का खतरा कम रहता है। उन्होंने कहा कि पक्षियों के मरने के मामले को लेकर हमें लगातार दिल्ली के विभिन्न इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं। इसमें सबसे अधिक शिकायतें को कौवों को लेकर है।
सोमवार तक करीब 46 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि, बुधवार को कोई भी नमूना नहीं भेजा गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के लिए कम से कम 72 घंटे चाहिए होते हैं। सभी नमूनों को जालंधर और भोपाल में जांच लिए भेजा जाता है। डॉ राकेश सिंह ने बताया कि गाजीपुर मंडी से सभी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। इससे पुष्ट होता है कि मार्केट में बर्ड फ्लू का खतरा नहीं है। हालांकि, हस्तसाल से लिए गए चार नमूनों की रिपोर्ट संदिग्ध है। इन्हें जांच के लिए जालंधर और भोपाल भेजा गया है। इसके अलावा विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मयूर विहार फेज तीन, संजय लेक और द्वारका सेक्टर 9 में एवियन इनफ्लुएंजा से मौत के मामले पाए गए थे। वहीं, सोमवार को भी संजय लेक से कई मृत बतख मिली थी। शनिवार को ही हौज खास, द्वारका सेक्टर 9, हस्तसाल और संजय झील को बंद कर दिया गया था।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया है कि बर्ड फ्लू की निगरानी के लिए शिक्षकों को तैनात नहीं किया जाएगा। सिसोदिया का यह बयान शिक्षकों द्वारा मिल रही शिकायतों के बाद आया है। सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए कहा कि कुछ जिलों से बर्ड फ्लू निरिक्षण ड्यूटी पर लगे शिक्षकों की शिकायतें मिल रही थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश अनुसार, सभी जिलाधिकारियों को शिक्षकों को बर्ड फ्लू ड्यूटी से मुक्त करने का निर्देश दिया है। वहीं, बिना अनुमति के किसी भी शिक्षक को ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा।