
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लम्मा पिंड चौंक जालंधर में श्री शनिदेव महाराज जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान सौरभ अरोडा एव सरबजीत शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशपर्व की शुभकामनाएं देते हुए श्री गुरुनानक देव जी द्वारा दिए उपदेशों को समझने और अपनाने की जरूरत पर ध्यान देने के लिए कहा।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि गुरुवाणी में लिखा है ‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’। इन शब्दों में हवा को गुरु माना गया इसी प्रकार गुरु के ज्ञान बिना आत्मा निर्जीव हैं। यह भी सच है कि पवन (आक्सीजन) ही हमारे शरीर में जीवन भरती है। पानी को श्री गुरु नानक देव जी ने पिता कहा है और धरती को महान माता जिससे अन्न आदि देकर धरती अपनी गोद में जीवों को पालती है। धरती हमारी बड़ी मां की तरह है जो सारी हमारी जरूरतें पूरी करती है और हमारी मां की तरह ध्यान रखती है। पानी हमारे लिए ऐसा है जैसे पिता और धरती हमारी मां जैसी है जैसे माता-पिता के मिलन से आगे जीवों का जन्म होता है। जैसे मां अपनी कोख में बच्चे को पालती है वैसे ही पानी और धरती के मिलन से ही जीवन की उत्पत्ति और पालने का सिलसिला चलता है।
‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’ इन शब्दों को जीवन में उतारने की जरूरत है। इन शब्दों को जीवन में नहीं उतारने से प्रकृति के साथ हमारी नजदीकी कैसे बनेगी। हमें जहां खुद को कुदरत के साथ फिर से जोडऩा पड़ेगा, वहीं आने वाली पीढिय़ों को भी कुदरत का सम्मान करने व कुदरत के अनुकूल चलने की शिक्षा देनी पड़ेगी।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए इससे अच्छा संदेश नहीं मिल सकता। आज दुनिया को कारोना की महामारी और इस साल आई प्राकृतिक आपदों से जूझते हुए मनुष्य को समझ में आ गया है कि प्रकृति का सरंक्षण करना कितना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आस्था के साथ-साथ हमारे गुरुओं और सभी धर्मों में दिए गए संदेश को धर्म को जीवनशैली बनाए तो निश्चित तौर पर ही हमारा जीवन सार्थक होगा।
इस अवसर पर शवेता भारदवाज,अजीत कुमार, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा,नरेश,कोमल,बलजिंदर सिंह, नरेंद्र ,बावा जोशी,राकेश, सुधीर, सुमीत,सौरभ ,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा,वरुण, नितिश,रोमी,जगदीश, नवीन कुमार, प्रिंस कुमार,कमल नैयर सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन-यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।