
बजट में IT सेवाओं को सशक्त बनाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं. Advanced Pricing Agreement (APA) लेने वाली कंपनियों के लिए प्रक्रिया को तेज़ कर 2 साल में पूरा किया जाएगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर 6 महीने का विस्तार भी मिलेगा. APA में शामिल संबंधित संस्थाओं के लिए modified returns की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
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वित्त मंत्री ने विदेशी कंपनियों के लिए क्लाउड सेवाओं पर कर छुट (Tax Holiday) तक 2047 की घोषणा की है. इसके तहत कोई भी वैश्विक कंपनी, जो भारतीय डेटा सेंटर्स का उपयोग करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है, इस कर लाभ की पात्र होगी. शर्त यह है कि कंपनी को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं भारतीय रीसैलर एंटिटी के माध्यम से देनी होंगी.
इसके अलावा, आईटी सेवाओं वाली कंपनियों के लिए एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव रखा गया है. अब आईटी कंपनियां इस प्रक्रिया को दो वर्षों के भीतर पूरा कर सकती हैं, और आवश्यक होने पर छह महीने का विस्तार भी लिया जा सकेगा. यह कदम विदेशी निवेश आकर्षित करने और भारतीय IT सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से
वित्त मंत्री ने विदेशी कंपनियों के लिए क्लाउड सेवाओं पर कर छुट (Tax Holiday) तक 2047 की घोषणा की है. इसके तहत कोई भी वैश्विक कंपनी, जो भारतीय डेटा सेंटर्स का उपयोग करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है, इस कर लाभ की पात्र होगी. शर्त यह है कि कंपनी को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं भारतीय रीसैलर एंटिटी के माध्यम से देनी होंगी.
इसके अलावा, आईटी सेवाओं वाली कंपनियों के लिए एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव रखा गया है. अब आईटी कंपनियां इस प्रक्रिया को दो वर्षों के भीतर पूरा कर सकती हैं, और आवश्यक होने पर छह महीने का विस्तार भी लिया जा सकेगा. यह कदम विदेशी निवेश आकर्षित करने और भारतीय IT सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से ह
बजट में IT सेवाओं को सशक्त बनाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं. Advanced Pricing Agreement (APA) लेने वाली कंपनियों के लिए प्रक्रिया को तेज़ कर 2 साल में पूरा किया जाएगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर 6 महीने का विस्तार भी मिलेगा. APA में शामिल संबंधित संस्थाओं के लिए modified returns की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कंपनियों को, जो भारतीय डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके ग्लोबल क्लाउड सेवाएं देंगी, 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा.
बजट में IT सेवाओं को सशक्त बनाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं. Advanced Pricing Agreement (APA) लेने वाली कंपनियों के लिए प्रक्रिया को तेज़ कर 2 साल में पूरा किया जाएगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर 6 महीने का विस्तार भी मिलेगा. APA में शामिल संबंधित संस्थाओं के लिए modified returns की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कंपनियों को, जो भारतीय डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके ग्लोबल क्लाउड सेवाएं देंगी, 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा.
: सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि जिन व्यक्तियों ने ₹20 लाख से कम मूल्य की गैर-स्थायी (non-immovable) विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया है, उन्हें प्रोसिक्यूशन से सुरक्षा (immunity) दी जाएगी. यह छूट 1 अक्टूबर 2024 से पीछे की तारीख से लागू होगी, जिससे छोटे मूल्य की विदेशी संपत्ति रखने वालों के लिए अनुपालन आसान हो जाएगा.
भारत को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, IT-enabled सर्विसेज, KPO और कॉन्ट्रैक्ट R&D सर्विसेज में वैश्विक नेतृत्व के रूप में मान्यता मिली है. अब इन सभी को एक ही कैटेगरी Information Technology Services में शामिल किया जाएगा.
सभी IT सर्विसेज के लिए सामान्य Safe Harbour मार्जिन 15.5% लागू होगा.
Safe Harbour का लाभ लेने की थ्रेशहोल्ड सीमा ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ की गई है.
IT सर्विसेज के लिए Safe Harbour approvals ऑटोमेटेड, रूल-ड्रिवन सिस्टम के जरिए प्रोसेस होंगे, टैक्स ऑफिसर्स द्वारा जांच की जरूरत नहीं होगी.
विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर TCS को घटाकर 2% कर दिया, जो पहले 5% और 20% था, और अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं है. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा बुकिंग पर पहले से कम टैक्स देना पड़ेगा. विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसा भेजने वाले परिवारों के लिए भी राहत है. LRS के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया, जिससे पैसा भेजना आसान होगा. इसके अलावा, टैक्स नियमों में स्पष्टता लाने के लिए मानव संसाधन सेवाओं की सप्लाई को अब कॉन्ट्रैक्टर भुगतान के तहत माना जाएगा. इसके चलते ऐसे सेवाओं पर TDS सिर्फ 1% या 2% रहेगा, जिससे व्यापारियों और कामगारों के लिए टैक्स की उलझन कम होग
आय की गलत जानकारी देने वालों पर सरकार सख्ती बरतने जा रही है. बजट से जुड़ी जानकारी में बताया गया है कि अगर कोई करदाता अपनी आय को गलत तरीके से दिखाता है या छुपाता है, तो उस पर टैक्स की रकम के बराबर यानी 100 फीसदी तक का पेनल्टी लगाई जाएगी. मनीकंट्रोल की PF एडिटर टीना जैन कौशल के मुताबिक, यह कदम टैक्स अनुपालन को मजबूत करने और जानबूझकर गलत रिपोर्टिंग करने वालों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है. सरकार का मकसद है कि टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़े और ईमानदार टैक्सपेयर्स का भरोसा बना रहे.
सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि NRI द्वारा बेची गई अचल संपत्ति पर TDS अब रेजिडेंट खरीदार द्वारा उनके PAN आधारित challan के जरिए काटा और जमा किया जाएगा. इससे TAN (टैम्परेरी अकाउंटिंग नंबर) की जरूरत खत्म हो जाएगी और compliances सरल हो जाएंगी.
विदेश यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स (TCS) को 5%-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी. इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा बुक करते समय लोगों को अब पहले से कम टैक्स देना होगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह कदम आम नागरिकों के लिए जीवन आसान बनाने और यात्रा की योजना बनाने पर नकदी दबाव कम करने के लिए उठाया गया ह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार FY27 में अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए डेटेड सिक्योरिटीज़ से 11.7 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी.
निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि Income Tax Act, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके तहत नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म्स जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे.
वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने का विदेशी संपत्ति खुलासा (Foreign Asset Disclosure) स्कीम पेश किया. इसके अलावा, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई जारी रहेगी. स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर लागू TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया
इनकम टैक्स 2026 लाइव: बजट में आम लोगों को सीधी राहत देने वाले दो अहम फैसले किए गए हैं. सरकार ने ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले TCS की दर को घटाकर 5 से 20 फीसदी के दायरे से सीधे 2 फीसदी कर दिया है. इससे विदेश घूमने या ट्रैवल पैकेज लेने वालों पर टैक्स का बोझ कम होगा और उनकी जेब पर कम असर पड़ेगा. इसके साथ ही LRS यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा के उद्देश्य से भेजे जाने वाले पैसों पर लगने वाले TDS को भी कम कर दिया गया है. इस फैसले से विदेश में पढ़ाई कर रहे या पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.
इनकम टैक्स 2026 लाइव: वित्त मंत्री ने Income Tax Act 1961 का व्यापक पुनरावलोकन करने की घोषणा की. इस प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और Income Tax Act 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके साथ ही सरल इनकम टैक्स फॉर्म्स जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे.
सरकार पारंपरिक चिकित्सा में सबूत-आधारित रिसर्च, प्रशिक्षण और जागरूकता को मजबूत करने के लिए नए प्रयास करेगी. पशुपालन क्षेत्र में शिक्षा और सेवाओं को बढ़ाने के लिए 20,000 से अधिक पेशेवर जोड़े जाएंगे. इसके लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम शुरू की जाएगी, जो प्राइवेट वेटरनरी और पैरावेटरनरी कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग फैसिलिटी में काम आएगी.
सरकार भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगी ताकि पशुपालन में बेहतर तकनीक और ज्ञान साझा किया जा सके. साथ ही, भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को भी समर्थन मिलेगा, जिसमें एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर शामिल हैं.
Union Budget 2026 में वित्त मंत्री ने भारत के वित्तीय क्षेत्र की ताकत और भविष्य की दिशा को लेकर साफ संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक अब मजबूत स्थिति में हैं, उनके बैलेंस शीट स्वस्थ, मुनाफे अधिक और खराब ऋणों पर बेहतर नियंत्रण है. एसेट क्वालिटी सुधर रही है और कवरेज 98% से अधिक हो गया है, जिससे सेक्टर स्थिर और अगले विकास चरण के लिए तैयार दिख रहा है. सरकार Viksit Bharat के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग कमिटी भी बनाएगी. यह कमिटी पूरे बैंकिंग सिस्टम की समीक्षा करेगी और सुधारों के लिए सुझाव देगी, ताकि आर्थिक वृद्धि, वित्तीय स्थिरता, समावेश और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित हो सके. बजट में NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां) पर भी ध्यान दिया गया है. इनके लिए अधिक क्रेडिट और तकनीक के बेहतर उपयोग के स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की NBFCs की दक्षता बढ़ाने के लिए उन्हें बड़े और मजबूत संस्थानों में पुनर्गठित किया जाएगा, जैसे कि Power Finance Corporation और Rural Electrification Corporation. विदेशी निवेशकों के लिए, फॉरेन एक्सचेंज कानूनों के तहत नॉन-डेब्ट निवेश नियमों की समीक्षा की जाएगी, ताकि ये आधुनिक, सरल और भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप हों
- 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे
- बायो फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़
- शुगर कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती
- बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे
- शहरी आर्थिक क्षेत्र पर प्रति वर्ष 5 हजार करोड़ रुपये खर्च
- 20 नए जल मार्ग बनाने की तैयारी
- 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर
- 3 केमिकल पार्क का निर्माण
- एसएमई के लिए 10 हजार करोड़
- महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐला
बनाने की घोषणा की गई है. इसका उद्देश्य भारत की सर्विस सेक्टर को मजबूत करना है और देश को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व देने योग्य बनाना है. यह कमिटी उच्च विकास क्षमता, रोजगार सृजन और निर्यात अवसर वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी, ताकि भारत को सेवाओं में विश्व नेता के रूप में स्थापित किया जा सके.
प्रस्तावित रूट हैं: मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बैंगलोर, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बैंगलोर, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी. ये कॉरिडोर भारत के वित्तीय, तकनीकी, निर्माण और उभरते शहरों को तेज़ और हरित परिवहन से जोड़े रखेंगे.
power finnace Corporation (PFC) और Rural Electrification Corporation (REC) का पुनर्गठन करने का प्रस्ताव रखा है. इसके अलावा, Viksit Bharat के लिए बैंकिंग सेक्टर को अगले चरण की विकास रणनीति से जोड़ने हेतु उच्च स्तरीय समिति बनाने की योजना भी पेश की गई है.
FM निर्मला सीतारमण ने प्रस्ताव रखा कि कॉर्पोरेट बॉन्ड पर टोटल रिटर्न स्वैप्स को पेश किया जाए. साथ ही, विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए FEMA नियमों की समीक्षा की जाएगी ताकि उन्हें और अधिक आधुनिक और इस्तेमाल में आसान बनाया जा सके
: भारत सरकार ने प्रस्तावित किया है कि पूरब के डांकोंनी से पश्चिम के सूरत तक नई समर्पित फ्रेट कॉरिडोर बनाई जाएगी. अगले पांच साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को परिचालित करने की योजना है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा
FM निर्मला सीतारमण ने खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव रखा.
टेक्सटाइल श्रमिक प्रोत्साहन योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम (NHHP) की भी घोषणा की गई.
चुनौतियों के आधार पर मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया.
FM निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि FY27 के लिए कैपिटल खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. वह कहती हैं कि इसका मुख्य फोकस 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों पर रहेगा, यानी टियर-2 और टियर-3 शहर जो अब विकास केंद्र बन चुके हैं. उन्होंने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत खर्च 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर BE 25-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अगले वित्त वर्ष 2026-27 में इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा रहा है ताकि विकास की गति जारी रहे.
इनकम टैक्स 2026 लाइव: सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का समर्पित SME ग्रोथ फंड पेश करने का प्रस्ताव रखा है. इस फंड का मकसद छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को बढ़ावा देना और भविष्य में रोजगार सृजन करना है. फंड के तहत उद्यमों को कुछ तय मानदंडों के आधार पर प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है. यह बढ़ा हुआ कैपेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन को गति देने के सरकार के फोकस को दर्शाता है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रोजगार-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर के लिए पांच प्रमुख स्तंभों वाला एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम प्रस्तावित किया है. इसका मकसद आत्मनिर्भरता, आधुनिकरण और रोजगार सृजन को तेज़ करना है.
नेशनल फाइबर स्कीम – रेशम, ऊन, जूट जैसी प्राकृतिक फाइबर के साथ-साथ मैन-मेड और नई औद्योगिक-युग की फाइबर में आत्मनिर्भरता पर फोकस.
टेक्सटाइल एक्सपैंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम – पारंपरिक क्लस्टर्स का आधुनिकीकरण; मशीनरी, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और कॉमन टेस्टिंग व सर्टिफिकेशन सेंटर्स के लिए कैपिटल सपोर्ट.
नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम (NHHP) – मौजूदा योजनाओं का एकीकरण और बुनकरों-कारीगरों के लिए लक्षित सहायता.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए एक योजना शुरू की गई थी. अब सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव कर रही है.
:वित्त मंत्री ने कहा कि इंडियन सममीकण्डक्टर मशीन 1.0 से देश की सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार हुआ है. इसी आधार पर सरकार अबइंडियन सममीकण्डक्टर मशीन २ .0 लॉन्च करेगी, जिसके तहत इक्विपमेंट और मटीरियल्स का उत्पादन, फुल-स्टैक इंडियन IP का विकास, और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट के निर्माण और उन्नयन के लिए एक नई योजना लाई जाएगी. इस योजना का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूती देना है.
: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाली BioPharma Strategy से भारत का हेल्थकेयर डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा.
: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का संकल्प गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों पर फोकस करना है. चूंकि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, इसलिए सरकार तीन कर्तव्यों से प्रेरित है.
पहला कर्तव्य: उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर तेज और टिकाऊ आर्थिक विकास को आगे बढ़ाना, साथ ही वैश्विक अस्थिरता के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना.
दूसरा कर्तव्य: लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता बढ़ाना, ताकि वे भारत की समृद्धि की राह में मजबूत साझेदार बन सकें.
तीसरा कर्तव्य: सबका साथ, सबका विकास के विजन के अनुरूप यह सुनिश्चित करना कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों तक समान पहुंच मिले.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां आकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के तौर पर भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ताकि निर्यात बढ़े और विदेशी निवेश आकर्षित हो.
उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया है. साथ ही नई तकनीकें उत्पादन को बढ़ा रही हैं, लेकिन इससे पानी और ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसे संतुलित तरीके से संभालना जरूरी है.
वित्त मंत्री ने कहा, “हमने गरीबी घटाने में उल्लेखनीय प्रगति की है.” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सरकार दुविधा की जगह कार्रवाई, भाषणों की जगह सुधार, और लोकप्रियता की जगह लोगों को प्राथमिकता देती रही है
बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती जैसे पावन अवसर पर देश का बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि सरकार वर्ष 2026-27 का बजट देश के सामने रख रही है. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, जब से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, भारत की अर्थव्यवस्था ने एक साफ और मजबूत दिशा पकड़ी है. इस दौरान आर्थिक स्थिरता बनी रही, सरकारी खर्च और घाटे पर नियंत्रण रखा गया, विकास की रफ्तार लगातार बनी रही और महंगाई भी सीमित दायरे में रही. सरकार का फोकस आगे भी संतुलित विकास और मजबूत आर्थिक नींव बनाए रखने पर रहेगा.