अमृतसर  एफ.सी.आर. अनुराग वर्मा व डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह के आदेशानुसार एस.डी.एम. दफ्तर ने रजिस्ट्री दफ्तर टू और रजिस्ट्री दफ्तर थ्री में हुई 6 जाली रजिस्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इस मामले में एक कलयुगी भतीजे ने अपने चाचा के वैंटीलेटर पर होने का नाजायज फायदा उठाया और चाचा की जमीन की 6 जाली रजिस्ट्रियां नकली चाचा खड़ा करके करवा दीं, अब इस मामले में पहले तो कलयुगी भतीजे के खिलाफ लैंड रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत कार्रवाई बनती है। इसके साथ ही जिन वसीका नवीसों व अन्य ने रजिस्ट्री लिखी और जिन लोगों ने जाली दस्तावेज, जिसमें जाली आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार करवाए उनका बेनकाब होना तय है, क्योंकि मामला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दरबार तक भी पहुंच चुका है।

हालांकि एक तथाकथित दलाल वसीका नवीस चाचा व भतीजे के बीच राजीनामा करवाकर तहसील में यह ढीगें मार रहा है कि मामला रफा-दफा हो चुका है और अब कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन उसका यह पता नहीं है कि रजिस्ट्री लिखते समय भी बकायदा रजिस्ट्री में यह लिखा जाता है कि यदि सब-रजिस्ट्रार को गलत दस्तावेज पेश किए तो रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत सजा का हकदार होगा, जिसके तहत 5 लाख रुपए जुर्माना और 8 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

कभी अंबैसेडर मैडम रचिता भंडारी की जमीन पर नकली रचिता भंडारी खड़ी करके 588 गज प्लाट की रजिस्ट्री करवाना तो कभी नकली साली खड़ी करके 108 गज जमीन की रजिस्ट्री करवाना इस प्रकार के कई मामले डी.सी. दफ्तर में पकड़े जा चुके हैं, जिनमें डी.सी. दफ्तर के ही कुछ भ्रष्ट कर्मचारी संलिप्त पाए गए एक का रचिता भंडारी जमीन केस की एफ.आई.आर. में नाम तक लिखा गया है, लेकिन फिर भी कोई न कोई जुगाड़ लगाकर यह कर्मचारी बच जाते हैं।

जमीन का रिकार्ड टैंपरिंग करना और जाली दस्तावेज तैयार करने के केसों में भी कुछ कर्मचारियों के नाम चर्चा में रहते हैं, लेकिन अब प्रशासन के पास सही मौका है कि उन चेहरों को बेनकाब किया जाए, जो अपने ही विभाग के साथ गददारी कर रहे हैं और जिस थाली में खाते हैं उसी में छेक कर रहे हैं। इस केस की इमानदारी से जांच करने पर लैंडमाफिया गैंग, जाली रजिस्ट्रियां लिखने वाले वसीका नवीस व अन्य, जाली दस्तावेज तैयार करने वाला गैंग और भ्रष्ट कर्मचारियों के चेहरे सामने आएंगे।