नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वाम नेता सीताराम येचुरी को जम्मू एवं कश्मीर में पार्टी कार्यकर्ता से मिलने की अनुमति दी. सीताराम येचुरी ने पहले जम्मू-कश्मीर जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था. येचुरी के साथ ही एक छात्र को भी अपने माता-पिता से मिलने की मंजूरी दी गई है. बता दें, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के डी राजा पहले जब जम्मू-कश्मीर गए थे तो उन्हें एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था. यह जानकारी सीपीआई (एम) ने ट्वीट करके दी थी.
येचुरी ने राज्य के पार्टी इकाई के सदस्यों के परिवारों से मुलाकात करने जम्मू एवं कश्मीर गए थे. सीताराम येचुरी और डी राजा ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को पहले पत्र लिख कर अपनी यात्रा के बारे में सूचित किया था. सीपीआई(एम) ने ट्वीट ट्वीट किया किया था, ‘सीताराम येचुरी को श्रीनगर हवाई अड्डे पर हिरासत में रखा गया है और उन्हें कहीं भी नहीं जाने दिया जा रहा. उन्होंने पहले प्रशासन को सूचित किया था कि वह सीपीआईएम विधायक एमवाई तारिगामी से मिलने जाएंगे, जिनकी तबीयत खराब है. इसके अलावा उन्होंने बाकी पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने की भी जानकारी दी थी. हम अवैध रूप से उन्हें हिरासत में लिए जाने का कठोर विरोध करते हैं.’
गौरतलब है कि गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर हवाईअड्डे पर भी रोक दिया गया था. जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को केन्द्र सरकार द्वारा निष्प्रभावी घोषित किये जाने के बाद कांग्रेस नेता कश्मीर घाटी के हालात का जायजा लेने के लिये वहां पहुंचे थे. इनके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी पार्टी नेताओं के साथ जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे. लेकिन उन्हें भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था.