
दिल्ली : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नई टैरिफ घोषणाओं के बाद जापान के शेयर बाजार में 3% की गिरावट आई है, और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। निफ्टी इंडेक्स में 300 प्वाइंट्स की गिरावट देखी जा रही है। टैरिफ नीति के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ी है और शेयर बाजारों में गिरावट आई है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीति का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने “Discounted Reciprocal Tariff” (छूट प्राप्त आपसी टैरिफ) का नाम दिया है। इस घोषणा के साथ ट्रंप ने इसे एक “मुक्ति दिवस” बताया, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतजार कर रहा था। उन्होंने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है और इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अमेरिका दौरे का भी उल्लेख किया।ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अमेरिका आए थे और वह मेरे अच्छे मित्र हैं। हालांकि, मैंने उन्हें यह साफ तौर पर बताया कि भारत अमेरिका से सही तरीके से व्यवहार नहीं कर रहा है। भारत हमेशा हमसे 52 प्रतिशत टैरिफ वसूलता है, इसलिए हमने भारत से 26 प्रतिशत टैरिफ लेने का निर्णय लिया है, जो कि आधा है।”
10% टैरिफ – सभी देशों पर 5 अप्रैल से लागू।
26% टैरिफ – भारत पर 9 अप्रैल से लागू (व्यक्तिगत उच्च प्रतिशोधी टैरिफ)।
टैरिफ से मुक्त वस्तुएं – स्टील/एल्युमिनियम उत्पाद, ऑटो/ऑटो पार्ट्स, तांबा, दवाएं, सेमीकंडक्टर्स, लकड़ी के उत्पाद, बुलियन, ऊर्जा और कुछ खनिज जो अमेरिका में उपलब्ध नहीं हैं।
अमेरिका का MFN टैरिफ – अमेरिका का औसत MFN टैरिफ 3.3% है, जबकि भारत (17%), ब्राजील (11.2%), चीन (7.5%), यूरोपीय संघ (5%) और वियतनाम (9.4%) का MFN टैरिफ अधिक है।
अमेरिका की शिकायत – भारत में रसायन, टेलीकॉम उत्पाद और मेडिकल उपकरणों पर कठिन प्रमाणन प्रक्रियाएं हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में व्यापार करना मुश्किल हो जाता है। यदि ये बाधाएं हटाई जाती हैं, तो अमेरिकी निर्यात में $5.3 बिलियन सालाना की वृद्धि हो सकती है।