
चेन्नई : मॉनसून के दौरान चक्रवाती परिस्थितियों के कारण चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 24 घंटों में तेज बारिश हुई, जिससे रविवार को यहां के अधिकतर इलाकों में पानी भर गया और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने के लिए शहर के तीन जलाशयों के स्लुइस गेट जल स्तर या प्रवाह दर को नियंत्रित करने वाले दरवाजे खोल दिए गए। राज्य में भारी बारिश को देखते हुए स्टालिन सरकार ने 8 और 9 नवंबर को चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपेट जिलों में स्कूलों और कॉलेजों के लिए अवकाश घोषित किया। स्टालिन ने कहा कि कोयंबटूर, तिरुनेलवेली, तिरुवरूर, विल्लुपुरम, इरोड, करूर, कुड्डालोर, पुदुकोट्टई, पेरम्बलुर जैसे जिलों में सामान्य बारिश (मौसम के दौरान) 60 प्रतिशत से अधिक हुई। अक्तूबर में उत्तर-पूर्व मॉनसून की शुरुआत के बाद से, तमिलनाडु और पुडुचेरी क्षेत्र में करीब 43 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे से भारी से अत्यधिक भारी बारिश शहर में करीब छह साल बाद हो रही है जबकि तमिलनाडु के अन्य क्षेत्रों में हल्की या मध्यम बारिश हुई है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने मुख्य सचिव वी इरई अनबु सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ कई जलमग्न इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को बाढ़ के पानी की निकासी के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। स्टालिन ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ यहां अस्थायी शिविरों में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को चावल, दूध और कंबल सहित बाढ़ सहायता सामग्री वितरित की। राहत एवं बचाव कार्य में केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मैं हर किसी की कुशलता एवं सुरक्षा की कामना करता हूं।”मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर तटीय तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है और 9 नवंबर तक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। रविवार देर रात तक यहां और आसपास के जिलों में ज्यादातर इलाकों में बारिश थम गई। भारी बारिश के मद्देनजर यहां यातायात, बस और ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं।