
नई दिल्ली :वक्फ बिल यानी वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को संसद की मंजूरी मिल गई. लोकसभा के बाद वक्फ बिल राज्यसभा से भी पास होगया. राज्यसभा में इस वक्फ बिल पर 13 घंटे तक चर्चा हुई. वक्फ बिल गुरुवार दोपहर को राज्यसभा में पेश हुआ. लंबी चर्चा के बाद वक्फ बिल शुक्रवार तड़के 2 बजे के आसपास पारित हो गया. अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह बिल कानून का रूप ले लेगा. यहां सवाल है कि जब राज्यसभा में नंबर गेम के मामले में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच फाइट टफ थी, तो ऐसे में मोदी सरकार की राह आसान कैसे हो गई?
राज्यसभा में एनडीए के पास जितने नंबर थे, उससे अधिक वोट मिले. राज्यसभा में वक्फ बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े. इसका मतलब है कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग हुई. राज्यसभा में कुछ गैर-एनडीए दलों के सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग की. कितनी क्रॉस वोटिंग हुई, इसका सटीक आंकड़ा तो नहीं है, मगर एक अनुमान लगाया जा सकता है.
4 अप्रैल 2025 को यह बिल 128 बनाम 95 वोटों से पास हुआ. राज्यसभा की प्रभावी संख्या 236 है. बहुमत के लिए 119 वोट चाहिए थे. एनडीए के पास अपनी ताकत 125 थी. इसमें बीजेपी के 98, जेडी(यू) के 4, एनसीपी (अजित पवार) के 3, टीडीपी के 2 और अन्य सहयोगी शामिल थे. इसके अलावा, 6 नामित सांसदों का समर्थन भी एनडीए के साथ थ
वहीं, विपक्ष यानी इंडिया ब्लॉक के पास राज्यसभा में 95 वोट थे, मगर बीजेडी (7) और वाईएसआरसीपी (9) जैसे गैर-एनडीए दलों के कुछ सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की. सूत्रों की मानें तो बीजेडी के कम से कम 4-5 और वाईएसआरसीपी के 3-4 सांसदों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया. इसका मतलब है कि करीब 7 से 9 वोट क्रॉस वोटिंग के जरिए एनडीए को मिले. यही क्रॉस वोटिंग वक्फ बिल पर निर्णायक साबित हुई. क्योंकि एनडीए का अपना नंबर 125 होने के बावजूद 128 वोट मिले, जो अतिरिक्त समर्थन को दर्शाता है.
वक्फ संशोधन बिल गुरुवार देर रात राज्यसभा में भी पास हो गया. लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की मंजूरी के बाद अब यह बिल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास जाएगा. उनकी मंजूरी के बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा. आज शुक्रवार है. ऐसे में जुम्मे की नमाज के बाद देश में शांति का माहौल बिगड़ने का डर भी मंडरा रहा है. जिसे देखते हुए दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक देश के हर हिस्से में सुरक्षा के व्यापक इंतजार किए गए हैं. आईबी भी अलर्ट मोड पर है. चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आज वक्फ बिल के विरोध में प्रदर्शन किया है. छात्र संगठन आइसा और NSUI से जुड़े छात्रों ने यह प्रदर्शन किया. कॉलेज कैंपस के अदर ही वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया गया, जिसके बाद पुलिस और RAF को कैंपस के बाहर तैनात किया गया था.
वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में भी अलर्ट जारी किया गया है. लखनऊ के बड़े इमामबाड़ा पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। आज जुम्मे की नमाज का दिन है. ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी तैयारी पुलिस की तरफ से की गई है.
वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू के संयुक्त सचिव अशरफ खान ने विरोध दर्ज कराने के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी. ऐसे में पार्टी में फूट की आशंका जताई जा रही है. सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ भी पार्टी में आवाजें उठने लगी हैं. हालांकि जेडीयू ने विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय के भीतर असमानताओं को दूर करने में मदद मिलेगी.
वक्फ संशोधन बिल पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के सरकार के समर्थन वाले रुख पर जेडीयू ने निशाना साधा है. आरजेडी ने बिहार के सीएम की तुलना गिरगिट से की है. RJD नेता और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर NRC और वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधने वाला एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें उन्हें गिरगिट बताया गया