Amritsar: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक नगर अमृतसर आज एक गंभीर पर्यावरणीय संकट के कगार पर हैं। शहर का पानी न केवल भूमिगत स्तर से गंदा हो रहा है, बल्कि प्रदूषित व जहरीला भी होता जा रहा है। इसके कारण जलस्तर दिन-प्रतिदिन घटता जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन के आधार को खतरे में पड़ने से बचाना शायद असंभव हो जाएगा। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति बेकाबू हो सकती है। आज भी, इस महानगर में लापरवाही से भूमिगत रूप से रिस रहा ज़हर शहर में स्थापित कई फैक्ट्रियों द्वारा फैलाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण प्रदूषण है। कुछ फैक्टरी मालिकों की लापरवाही इस हद तक बढ़ गई है कि वे नियमों का उल्लंघन कर इस फैक्ट्रियों के जहरीले अपशिष्ट पानी को सीधे नहरों या पास के नालों में बहा रहे हैं। इससे भी अधिक खतरनाक बात यह है कि कई स्थानों पर भूमिगत जल निकासी प्रणाली लगाकर गंदा और रासायनिक युक्त पानी सीधे भूमिगत जल स्रोतों में भेजा जा रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा यह कृत्य कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों का कारण बन रहा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा खामियाजा हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।