
जालंधर, 01 दिसंबर ( ) –
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से ठीक पहले, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपनी सरकार के साढ़े तीन साल के कामकाज को गिनवाने की बजाय 25 साल का राजनीतिक इतिहास दोहरा कर यह साफ कर दिया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के पास दिखाने लायक कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। यह कहना पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय एससी आयोग के पूर्व चेयरमैन विजय सांपला का जो की आज जिला भाजपा प्रधान सुशील शर्मा, पूर्व विधायक जगबीर बराड, जिला महामंत्री अमरजीत सिंह गोल्डी,प्रमोद कश्यप के साथ पत्रकार वार्ता संबोधित कर रहे थे ।
सांपला ने कहा कि चीमा द्वारा भाजपा–अकाली गठबंधन को लेकर दिया गया बयान पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद है, क्योंकि भाजपा 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2024 के लोकसभा चुनावों तक भाजपा हमेशा अपने बलबूते चुनाव लड़ती रही है और अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव भी अकेले लड़ रही है। 2027 के चुनाव भी भाजपा अपने दम पर लड़ेगी।
गठबंधन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पार्टी से मिलना या न मिलना पार्टी हाईकमान का फैसला होता है — इसमें हरपाल चीमा की कोई भूमिका नहीं।
➖ *चीमा सरकार की नाकामियों को छिपाने की कोशिश – सांपला*
सांपला ने कहा कि चीमा को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछली सरकारों पर उंगली उठाने से पहले अपनी ही पार्टी के साढ़े चार साल के कामकाज पर सवाल पूछने की हिम्मत करनी चाहिए थी।
उन्होंने पूछा कि जिन मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों में पद से हटाया, उन्हें सभी को जमानत कैसे मिल गई? और एक विधायक तो सरकार के हाथों से ही फरार हो गया — इस पर चीमा चुप क्यों हैं?
सांपला ने कहा कि चीमा के पास प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताने के लिए एक भी ठोस उपलब्धि नहीं थी, इसलिए वे भाजपा को बदनाम करने की नीयत से बेबुनियाद बयानबाज़ी करते रहे।
➖ *आप विधायकों पर आरोप — कोई कार्रवाई नहीं: सांपला*
सांपला ने पूछा कि अमृतसर के आप विधायक कुंवर विजय प्रतीप द्वारा बेअदबी व बठिंडा (बर्गाड़ी/बहेबल कलां) मामलों में लगाए गए आरोपों पर साढ़े तीन साल में क्या कार्रवाई हुई?
उन्होंने कहा कि लुधियाना पश्चिम के दिवंगत विधायक गुरप्रीत गोगी ने खुद मुख्यमंत्री के साथ रखा गया नींव पत्थर तोड़कर यह संदेश दे दिया था — “जब कुछ कर नहीं सकते तो नींव पत्थर रखने की क्या जरूरत?”
➖ *माफिया राज के सबसे बड़े पीड़ित किसान — सांपला*
उन्होंने कहा कि जो आम आदमी पार्टी पहले रेत माफिया और लैंड माफिया के खिलाफ बोलती थी, वही अब दिल्ली के लैंड माफिया के साथ मिलकर पंजाब के किसानों से सस्ती ज़मीन खरीदने के आरोपों में घिरी हुई है।
किसानों के विरोध के बाद सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा।
➖ *ट्रांसपोर्ट माफिया से गठजोड़ — किलोमीटर स्कीम पर बड़े सवाल*
सांपला ने आरोप लगाया कि आप सरकार, जो पहले बादल परिवार की बसों को अवैध कहती थी, अब खुद ट्रांसपोर्ट माफिया के साथ मिलकर किलोमीटर स्कीम में बसें चलाने की तैयारी कर रही है।
कर्मचारी संगठनों के विरोध करने पर उन्हें लाठियों और झूठे मुकदमों से चुप कराया जा रहा है।
➖ *महिला सुरक्षा पर सवाल — सांपला का हमला*
उन्होंने कहा कि खडूर साहिब से आप विधायक मंजींदर सिंह लालपुरा को महिला से दुर्व्यवहार के मामले में चार साल की सज़ा मिलने के बावजूद विधानसभा से निलंबित नहीं किया गया — जो आप सरकार के लिए सबसे शर्मनाक बात है।