
दिल्ली: अमेरिका ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब भारतीय आवेदक स्टूडेंट (F-1), विज़िटर (B-1/B-2) और वर्क वीज़ा (H-1B सहित अन्य) के लिए तीसरे देशों से वीज़ा इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। सभी वीज़ा इंटरव्यू केवल भारत में ही कराने होंगे। अब तक बड़ी संख्या में भारतीय आवेदक लंबी वेटिंग से बचने के लिए दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड या अन्य देशों से अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू दे रहे थे। इस फैसले के बाद यह विकल्प पूरी तरह बंद हो गया है।विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम वीज़ा प्रक्रिया को अधिक केंद्रीकृत और सख्त बनाने, आवेदकों की बेहतर जांच और नियमों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावासों पर अपॉइंटमेंट का दबाव बढ़ेगा, वीज़ा इंटरव्यू की प्रतीक्षा अवधि लंबी हो सकती है। छात्रों की शैक्षणिक योजनाएं और प्रोफेशनल्स की जॉब जॉइनिंग डेट प्रभावित हो सकती है। यात्रियों को पहले से बेहतर प्लानिंग करनी होगी