
दिल्ली: ईरान और अमेरिका में सीजफायर के बाद ईरान पूरी दुनिया को तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर ट्रांजिट चार्ज लगाने का प्लान बनाया है, यानी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए भारी भरकम कमाई करने की योजना बनाई है। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पूरी दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, LPG और LNG सप्लाई होती है। इस सप्लाई पर अब ईरान टोल टैक्स वसूलेगा ईरान प्रति बैरल कच्चे तेल पर 1 डॉलर ट्रांजिट चार्ज लगाने का फैसला ले सकता है। अगर ईरान चार्ज वसूलता है तो इससे ईरान को प्रतिवर्ष 70 से 80 बिलियन डॉलर यानी करीब 6.43 लाख करोड़ से लेकर 7.4 लाख करोड़ रुपये तक की इनकम हो सकती है। यह रकम ईरान के तेल निर्यात से होने वाली कमाई से ज्यादा है। वहीं अगर ईरान ने टैक्स वसूलना शुरू किया तो उसे दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में शामिल होने में देर नहीं लगेगी हालांकि, हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने कुछ समय के लिए इस जलमार्ग को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा और कीमतों में उछाल आया। बाद में डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम हुआ, जिसके बाद हालात कुछ हद तक संभले। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं।