जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में मां बगलामुखी जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान अरुण कुमार,अनुष्का शर्मा ,कमलेश रानी से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज मां भक्तों को प्रसिद्ध भजन की पंक्तियाँ का अनुसरण करते हुए कहते है कि
*कोई बोले राम राम, कोई खुदाई।*
*कोई सेवे गुसाईंया, कोई अल्लाहई॥*
नवजीत भारद्वाज जी मां भक्तों को भजन के माध्यम से यह समझाते है कि ईश्वर एक ही है, बस उसे पुकारने के नाम और पूजने के तरीके अलग-अलग हैं। कोई उसे ‘‘राम’’ कहता है तो कोई ‘‘अल्लाह’’ , कोई उसे ‘‘जगन्नाथ’’ कहता है तो कोई ‘‘करीम’’। अंतत: सभी रास्ते एक ही परमशक्ति की ओर जाते हैं। यह पंक्तियाँ सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता का प्रतीक मानी जाती हैं।
नवजीत भारद्वाज जी कहते हैं कि कोई उस परमात्मा को राम-राम कहकर पुकारता है, तो कोई उसे खुदा कहता है। कोई उसे गुसाईं (धरती का स्वामी) मानकर उसकी सेवा करता है, तो कोई उसे अल्लाह कहकर याद करता है।
नवजीत भारद्वाज जी कहते है कि इस जगत को बनाने वाला वही एक है, जो करीम (कृपालु) भी है और रहीम (दयालु) भी। वह अपनी कृपा से ही समस्त जीवों का कल्याण करता है। लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार भिन्न-भिन्न तरीके अपनाते हैं। कोई तीर्थ स्थानों पर स्नान करता है, तो कोई मक्का की हज पर जाता है। कोई देव-मूर्तियों की पूजा करता है, तो कोई सजदे में सिर झुकाता है।
कोई वेदों का पाठ करता है, तो कोई ग्रंथों को पढ़ता है। बाहरी पहचान के लिए कोई नीले वस्त्र पहनता है (सूफी या विशिष्ट पंथ), तो कोई श्वेत वस्त्र धारण करता है। दुनिया में लोग खुद को जातियों के रूप में विभाजित हैं। कोई स्वर्ग की कामना करता है, तो कोई बहिश्त की इच्छा रखता है।
नवजीत भारद्वाज जी प्रवचनों को विराम लगाते हुए कहते है कि वास्तव में सच्चा ज्ञान उसे ही प्राप्त हुआ है जिसने उस परमात्मा के हुकम (ईश्वरीय विधान/रजा) को पहचान लिया है। जिसने यह समझ लिया कि ईश्वर एक है और वह सभी में समाया हुआ है, वही उसके रहस्य को जान पाया है। बाहरी आडंबर और धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर मानवता की सेवा और परमात्मा के हुकम को मानना ही धर्म का असली अर्थ है।

*नवजीत भारद्वाज ने बताया कि 28 दिसंबर दिन रविवार को सर्वजन हितकारी अलौकिक मां बगलामुखी जी के निमित्त हवन यज्ञ का आयोजन मंदिर परिसर में किया जा रहा है उन्होंने सभी मां बगलामुखी जी के नाम लेवा संगत को सादर सपरिवार आमंत्रित किया उन्होंने कहा कि महीने में कम से कम एक बार सपरिवार अपने नजदीक के मंदिर में हवन यज्ञ अथवा आरती इत्यादि में सपरिवार सम्मिलित होना चाहिए।*

इस अवसर पर लाजपत राय,चेतन अरोडा, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला,अमरेंद्र कुमार शर्मा, अमृतपाल, प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया,रिंकू सैनी,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा,नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत,मनीष शर्मा, डॉ गुप्ता,दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा,वरुण, नितिश,रोमी, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, अजय,बलदेव सिंह भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारी का आयोजन किया गया।