Apeejay Institute of Management & Engineering Technical Campus के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ Entrepreneurship Development Cell) द्वारा एक रोचक एवं बौद्धिक रूप से प्रेरक गतिविधि ‘रिवाइव एंड सर्वाइव’ (Revive and Survive) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की व्यावसायिक प्रबंधन के क्षेत्र में विश्लेषणात्मक तथा समस्या-समाधान (Analytical and Problem-solving skills) कौशल को निखारना था।

इस गतिविधि ने प्रतिभागियों को असफल या संघर्षरत व्यवसायों के केस स्टडी प्रस्तुत करने के लिए एक विशिष्ट मंच प्रदान किया।
प्रतिभागियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों का विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करके, इस प्रतियोगिता ने सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. बग्गा ने इस पहल की सराहना की और उद्यमिता में दृढ़ता (Resilience) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “असफलता व्यावसायिक यात्रा का अंत नहीं होती; यह अक्सर नवाचार और विकास की सीढ़ी होती है” (“Failure is not the end of a business journey; it is often a stepping stone to innovation and growth”)। ‘रिवाइव एंड सर्वाइव’ (Revive and Survive) जैसी गतिविधियाँ हमारे विद्यार्थियों को रणनीतिक रूप से सोचने, चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढालने और बाधाओं को अवसरों में परिवर्तित करने के लिए तैयार करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के अनुभवात्मक शिक्षण मंच आत्मविश्वासी और सक्षम भावी उद्यमियों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
इस कार्यक्रम में प्रबंधन (Management) के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। असाधारण रणनीतिक सूझबूझ और विश्लेषणात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए, एमबीए द्वितीय सेमेस्टर (MBA II semester) के Manvir and Jishman ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीबीए छठे सेमेस्टर (BBA VI Semester) के Archita and Vatash ने रचनात्मक समाधानों और सुव्यवस्थित पुनरुद्धार योजनाओं से निर्णायक मंडल को प्रभावित करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

‘रिवाइव एंड सर्वाइव’ ने न केवल विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित किया, बल्कि उनमें रचनात्मकता, टीमवर्क और समालोचनात्मक निर्णय-निर्माण (creativity, teamwork, critical decision-making skills) कौशल का भी विकास किया। इस गतिविधि ने यह रेखांकित किया कि उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (Entrepreneurship Development Cell) आज के गतिशील और प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में मार्गदर्शन हेतु आवश्यक दृढ़ता और समस्या-समाधान क्षमताओं (Resilience and problem-solving capabilities) से युक्त भावी उद्यमियों के निर्माण (business environment.) के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समापन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने के संस्थान के उद्देश्य को और अधिक सुदृढ़ किया।