
हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एनएसएस, रेड क्रॉस सोसायटी तथा रेड रिबन क्लब द्वारा पहल एनजीओ के सहयोग से रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के संचालन में सिविल अस्पताल, जालंधर की मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया और रक्तदान की प्रक्रिया को पूर्णत: सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से सपन्न कराया। रक्तदान शिविर में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साह और सेवा भावना के साथ भाग लेते हुए मानवता के इस महान कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। छात्राओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिमेदारी का परिचय दिया। इस शिविर के दौरान कुल 20 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस अवसर पर छात्राओं में रक्तदान के प्रति विशेष जागरूकता और उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों डॉ. ममता, डॉ. संदीप तथा सुश्री नंदिता ने भी रक्तदान कर छात्राओं को प्रेरित किया। उनके इस प्रेरणादायक कदम ने छात्राओं में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने इस आयोजन हेतु एनएसएस के प्रोग्राम ऑफिसर श्रीमती कुलजीत कौर, डॉ. ज्योति गोगिया, सुश्री हरमनु, डॉ. दीप्ति धीर , रेड रिबन क्लब की इंचार्ज डॉ. दीपाली और डॉ. संदीप, रेड क्रॉस सोसायटी की इंचार्ज श्रीमती पवन कुमारी तथा डॉ. वंदना की सराहना की। इस अवसर पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा इस सराहनीय पहल के लिए एनएसएस, रेड क्रॉस सोसायटी, रेड रिबन क्लब, सिविल अस्पताल की टीम और पहल एनजीओ के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने पहल टीम की अध्यक्ष श्रीमती हरविंदर कौर, श्री बागेश्वर सिंह, मुय संचालक मोहित रूबल एवं मैनेजर प्रदीप कुमार, सिविल अस्पताल से डॉ. गुरविंदर और डॉ. गगनदीप को स्मृति चिन्ह भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती कुलजीत कौर ने रक्तदान करने वाली सभी छात्राओं, शिक्षकों, सिविल अस्पताल की टीम तथा सहयोगी संस्था पहल एनजीओ के प्रति आभार व्यक्त किया। यह शिविर न केवल जरूरतमंदों के लिए सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि युवाओं में सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।