चंडीगढ़, 28 फ़रवरी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पंजाब आकर अपने ही नेताओं को सार्वजनिक रूप से नसीहत देनी पड़ी, उससे यह साबित होता है कि कांग्रेस का हाईकमान अपना प्रभाव खो चुका है और प्रदेश नेतृत्व बेलगाम हो चुका है।

इस संबंध में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा:

“आप चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, टीम प्लेयर बनिए; नहीं तो खड़गे जी और मैं आपको ठीक कर देंगे।”

उन्होंने कहा कि यह वाक्य आज बरनाला में हुई कांग्रेस रैली के उद्देश्य को पूरी तरह स्पष्ट करता है।

वहां न तो पंजाब के लिए कोई एजेंडा था और न ही किसानों या मज़दूरों से जुड़े मुद्दों पर कोई चर्चा हुई। इसके बजाय, यह पहले से ही अप्रभावी हो चुके कांग्रेस हाईकमान की ओर से राहुल गांधी की एक बेबसी भरी कोशिश थी, जिसके ज़रिये उपरोक्त चेतावनी देकर पंजाब की बिखरी हुई प्रदेश नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से अपमानित कर एकजुट करने की कोशिश की गई। लेकिन ऐसा करते हुए राहुल गांधी ने न केवल प्रदेश नेतृत्व को सार्वजनिक हंसी का पात्र बनाया, बल्कि अपनी ही कमजोर नेतृत्व क्षमता को भी उजागर कर दिया।

सुनील जाखड़ ने कहा कि जो बात बंद कमरे में समझाई जा सकती थी, उसके लिए कांग्रेस को रैली करनी पड़ी और सार्वजनिक रूप से अपने ही प्रदेश नेताओं की क्लास लगानी पड़ी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति इसलिए पैदा हुई है क्योंकि कांग्रेस हाईकमान पार्टी की राज्य इकाइयों पर अपना नियंत्रण खो चुकी है।

दूसरी ओर, आज शेलर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ से मुलाकात कर उनका धन्यवाद किया, जिन्होंने एसोसिएशन के साथ मिलकर केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी के समक्ष फोर्टिफाइड चावल का मुद्दा उठाया था।

रंजम कमरा (कन्वीनर, पंजाब भाजपा सेल), रोहित अग्रवाल (राष्ट्रीय शेलर संघ के अध्यक्ष), कर्नल इंदरपाल सिंह ढालीवाल (चेयरमैन), सोनू गर्ग (महासचिव), साहिल मोदी (सदस्य), रोहित कपूर और पवन कुमार (खरड़) सहित अन्य लोगों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री सुनील जाखड़ की पहल के कारण ही उनका यह मुद्दा हल हुआ है।

इस अवसर पर सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हमेशा किसानों और किसानों से जुड़े पक्षों के मुद्दों को हल करने के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि शेलर उद्योग की मुख्य मांग पूरी होने का सीधा लाभ किसानों को ही मिलेगा, क्योंकि किसानों द्वारा पैदा किए गए धान की शेलिंग इसी उद्योग द्वारा की जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि आढ़तिया एसोसिएशन की मांगों को भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही उनका भी सार्थक समाधान निकलेगा।