
दिल्ली: कीमती धातुओं के बाजार में अचानक हलचल मच गई है। जिस चांदी को निवेशक अब तक सुरक्षित ठिकाना मानते रहे, उसमें एक ही दिन में करीब ₹10,000 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच एक बड़े वैश्विक बैंक की रिपोर्ट सामने आई है, जिसने न सिर्फ मौजूदा गिरावट की वजहों पर रोशनी डाली है, बल्कि 2029 तक सोने-चांदी की संभावित चाल को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं।
MCX पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी बुधवार को ₹2,50,605 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। लेकिन अगले ही दिन बाजार खुलते ही जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई। देखते-ही-देखते भाव ₹10,000 तक टूटकर ₹2,40,605 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गए। दोपहर तक इसमें थोड़ी रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन तब भी चांदी ₹2,43,911 पर कारोबार कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब ₹6,700 या लगभग 2.7 प्रतिशत कम था।बीते महीनों में सप्लाई की कमी और मजबूत मांग के कारण चांदी की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही थीं। लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। वैश्विक बैंक HSBC की ताजा रिपोर्ट ने बाजार को सतर्क कर दिया है। बैंक का मानना है कि चांदी की हालिया तेजी अब कमजोर पड़ने लगी है और कीमतें अस्थिरता के बीच अपने वास्तविक स्तर से ऊपर पहुंच गई हैं।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जहां सोना अब भी सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूती दिखा रहा है, वहीं चांदी की औद्योगिक और आभूषण मांग पर दबाव बढ़ रहा है। ऊंचे दामों ने गहनों की खरीदारी को धीमा कर दिया है, जिसका सीधा असर खपत पर पड़ रहा है।