जालंधर, फरवरी 2026: पंजाब में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम् पहल करते हुए, देश की प्रमुख सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों में से एक, थिंक गैस ने जालंधर में प्रमुख ट्रांसपोर्टर्स और फ्लीट ऑपरेटर्स के साथ बैठक की। इस दौरान, कंपनी ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) को क्षेत्र के कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में अपनाने पर जोर दिया। कंपनी फिलहाल 53 सीएनजी स्टेशंस ऑपरेट कर रही है और अब इस संख्या को बढ़ाकर 71 करने की योजना बना रही है, जिससे प्रमुख ट्रासपोर्ट कॉरिडोर्स पर ईंधन की उपलब्धता और मजबूत होगी।
ट्रांसपोर्टर्स मीट का आयोजन जालंधर की अतिरिक्त उपायुक्त, श्रीमती अमनिंदर कौर बरार की उपस्थिति में किया गया। इस बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी और ट्रांसपोर्ट समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब ईंधन की बढ़ती कीमतें और खराब होती हवा की गुणवत्ता, ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सामने दो बड़ी चुनौतियाँ बनकर उभर रही हैं।
सत्र के दौरान, थिंक गैस के अधिकारियों ने बताया कि जो फ्लीट ऑपरेटर्स सीएनजी अपनाते हैं, वे वाहन की श्रेणी और उसकी रनिंग के आधार पर प्रति वाहन सालाना लगभग 5,60,000 रुपए तक की बचत कर सकते हैं। 10 गाड़ियों की एक मध्यम आकार की फ्लीट के लिए यह बचत करीब 50 लाख रुपए सालाना तक पहुँच सकती है, जो ट्रांसपोर्टर्स के लिए पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ मजबूत आर्थिक फायदा भी देती है।
अपना अनुभव साझा करते हुए, सुविधा ट्रांसपोर्ट के डायरेक्टर श्री सतीश सचदेवा, जिन्होंने हाल ही में अपने 05 ट्रकों को सीएनजी में बदला है, ने बताया कि उनकी ऑपरेशनल लागत में लगभग 20% की कमी आई है। साथ ही, इंजन की परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है और मेंटेनेंस खर्च भी घटा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी मार्गदर्शन के कारण यह बदलाव आसान रहा। उन्होंने अन्य ट्रांसपोर्टर्स से भी अपील की कि वे सीएनजी अपनाने के दीर्घकालिक आर्थिक फायदे पर गंभीरता से विचार करें।
सभा को संबोधित करते हुए, जालंधर की अतिरिक्त उपायुक्त, श्रीमती अमनिंदर कौर बरार ने कहा, “स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन विकल्प अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है, क्योंकि हमारे शहरों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाला धुआँ शहरी हवा की गुणवत्ता गिरने का एक बड़ा कारण है। सीएनजी जैसे ईंधन अपनाने से प्रदूषण कम किया जा सकता है, कार्बन फुटप्रिंट घटाया जा सकता है और जनस्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सकता है। ऐसे मंच, जो सरकार, उद्योग और ट्रांसपोर्टर्स को साथ लाते हैं, समझदारी भरे फैसले लेने में मदद करते हैं और भविष्य के लिए जिम्मेदार व टिकाऊ ईंधन विकल्प अपनाने को बढ़ावा देते हैं।”
कार्यक्रम में बोलते हुए, थिंक गैस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट- सीएनजी एवं मार्केटिंग और बिजनेस हेड, श्री राणा दत्ता ने कहा, “हमारा फोकस ट्रांसपोर्ट समुदाय को भरोसेमंद सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार सप्लाई और तकनीकी मार्गदर्शन देकर बदलाव को आसान बनाना है। हम फ्लीट ऑपरेटर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सीएनजी की ओर शिफ्ट सरल, आर्थिक रूप से फायदेमंद और ऑपरेशनल रूप से प्रभावी हो सके। यह पहल भारत के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत देश वर्ष 2030 तक नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 6.5% से बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे संवाद सत्र जागरूकता बढ़ाने, व्यावहारिक चिंताओं को दूर करने और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने की रफ्तार तेज करने में अहम् भूमिका निभाते हैं।”
कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव चर्चा के साथ हुआ, जिसमें ट्रांसपोर्टर्स ने वाहन कन्वर्ज़न की समयसीमा, निवेश पर रिटर्न (आरओआई) और सप्लाई की निरंतरता जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। बढ़ती डीज़ल कीमतों के बीच वैकल्पिक ईंधन को लेकर उनकी बढ़ती दिलचस्पी स्पष्ट नजर आई।
इस अवसर पर औपचारिक रूप से वर्ष 2026 का कैलेंडर भी जारी किया गया। इस मौके पर थिंक गैस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट- सीएनजी एवं मार्केटिंग और बिज़नेस हेड, श्री राणा दत्ता; थिंक गैस लुधियाना प्राइवेट लिमिटेड के जोनल हेड- पंजाब एवं हिमाचल, श्री विशाल गिरी गोस्वामी; वाइस प्रेसिडेंट श्री आलोक दुबे, थिंक गैस ;थिंक गैस डिप्टी रीजनल हेड श्री दर्पण कुमार चौधरी; ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (जालंधर यूनिट) के चेयरमैन सरदार महिंदर सिंह गुल्लू; प्रेसिडेंट सरदार जगजीत सिंह कंबोज; तथा जनरल सेक्रेटरी श्री राजिंदर शर्मा मौजूद रहे।