दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिसंबर का आखिरी हफ्ता न केवल कड़ाके की ठंड लेकर आया है बल्कि हवा को भी जहरीला बना चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राजधानी के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से 500 के बीच यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है।प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का चौथा चरण यानी GRAP-4 लागू है। इसके तहत कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं किसी भी तरह के कंस्ट्रक्शन वर्क पर पूरी तरह पाबंदी है। जरूरी सामान वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है सरकारी और निजी दफ्तरों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए स्कूल हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में चल रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार काफी कम हो गई है। जब हवा नहीं चलती तो धूल और धुएं के कण वातावरण में नीचे ही जमा हो जाते हैं जिससे ‘स्मॉग’ की चादर बन जाती है।