
दिव्य ज्योति जागृती संस्थान शाखा कपूरथला में “राष्ट्रीय युवा दिवस” को संस्थान के “बोध” प्रकल्प द्वारा “द रियल हीरोज” सच्ची युवा शक्ति और वीरता, का महोत्सव,कार्यक्रम “संकल्प” मुहिम के अंतर्गत किया गया जिस के विषय में जानकारी देते हुए श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी गुरप्रीत भारती जी ने बताया भारत के पहले युवा आइकॉन स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से संबंधित नाट्य मंचन कर समाज को एक राष्ट्रभक्त, गुरु भक्त की परिभाषा से अवगत करवाया गया। विदेश की धरती पर पहुंचकर भी अपने देश का सर गर्व से ऊंचा करने वाले स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति के विषय में कहते हैं एक समय आएगा जब भारतीय संस्कृति पुनः जागृत होगी मात्र बाहर से नहीं अपितु भीतर से। भारत आत्म शक्ति का केंद्र बनेगा और उन्होंने यह विचार मात्र व्यावहारिक धारणाओं पर नहीं दिए अपितु अपने गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस की पूर्णता परख करके ब्रह्म ज्ञान द्वारा ईश्वर दर्शन पर आधारित है। साध्वी निधि भारती जी ने कहा स्वामी विवेकानंद अथवा हमारे देश के वास्तविक हीरोज ने सांसारिक सुविधाओं से अभावग्रस्त होते हुए भी आत्म आनंद की यात्रा को विराम नहीं दिया।आज की युवा पीढ़ी सुख को प्राप्त करने हेतु कितने ही गलत मार्गों का चयन कर लेती है, कोई नशे में सुख ढूंढता है, कोई वासनाओं में पड़ जाता है, कोई अतिरिक्त धन में ही सुख का संचयन करना चाहता है विडंबना है वास्तविक सुख एवं आनंद की अनुभूति नहीं हो पाती क्योंकि यह एक अवस्था है जो भीतर से प्राप्त होती है हमारे राष्ट्र के युवा संन्यासी, क्रांतिकारी एवं देश भक्त हमारे वास्तविक आदर्श होने चाहिए जिनका जीवन दर्शन हमें बताता है जीवन की वास्तविकता एवं उपलब्धियां क्या है । साध्वी ऋतु जी ने कहा देश भक्ति से परिपूर्ण इस कार्यक्रम का समापन भावपूर्ण देश भक्ति नृत्य के साथ किया गया।युवाओं को धर्म एवं राष्ट्र भक्ति की ओर प्रेरित करती एक्टिविटीज एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई।बड़ी संख्या में पहुंचे श्रोताओं ने कार्यक्रम की भरपूर सराहना की।