
दिल्ली: देशभर में आज खुशी और भाईचारे का पर्व ईद-उल-फितर बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। एक महीने के रोज़ों के बाद लोग मस्जिदों में नमाज़ अदा करते हैं, गले मिलते हैं और एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय पहले ही तय कर दिए गए हैं। ईद के दिन की शुरुआत खास नमाज़ से होती है, जिसे ‘ईद की नमाज़’ कहा जाता है, और इसे खुले मैदानों या मस्जिदों में अदा किया जाता है।नमाज़ के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहते हैं। इस दिन नए कपड़े पहनने की परंपरा है और घरों में तरह-तरह के खास पकवान बनाए जाते हैं। साथ ही, जकात और फितरा देना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।आज का दिन मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास होता है। यह त्योहार पवित्र महीने रमजान के अंत में मनाया जाता है, जिसमें पूरे महीने रोज़े रखे जाते हैं। ईद खुशी, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है, जब लोग मिलकर खुशियां बांटते हैं। यह दिन जरूरतमंदों के प्रति सहानुभूति और सहायता का संदेश भी देता है। इसी कारण जकात और फितरा देना एक अहम धार्मिक जिम्मेदारी मानी जाती है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी इस खुशी में शामिल हो सकें।