
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान तेजस भारद्वाज से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित मां भक्तों को प्रवचनों का रसपान करवाते हुए कहते है कि संसार का हर धर्म जननी ‘‘माँ’’ की अपार महिमा का यशोगान करता है। हर धर्म और संस्कृति में ‘‘माँ’’ के अलौकिक गुणों और रूपों का उल्लेखनीय वर्णन मिलता है। हिन्दू धर्म में देवियों को ‘‘माँ’’ कहकर पुकारा गया है।
‘‘माँ’’ यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम-रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का अनहद ज्वार स्वत: उमड़ पड़ता है और मनो मस्तिष्क स्मृतियों के अथाह समुद्र में डूब जाता है। ‘‘माँ’’ वो अमोघ मंत्र है, जिसके उच्चारण मात्र से ही हर पीड़ा का नाश हो जाता है। ‘‘माँ’’ की ममता और उसके आँचल की महिमा को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है, उसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है।
नवजीत भारद्वाज जी कहते है कि हमारे वेद, पुराण, दर्शनशास्त्र, स्मृतियां, महाकाव्य, उपनिषद आदि सब ‘‘माँ’’ की अपार महिमा के गुणगान से भरे पड़े हैं। हर धर्म और संस्कृति में ‘‘माँ’’ के अलौकिक गुणों और रूपों का उल्लेखनीय वर्णन मिलता है। हिन्दू धर्म में देवियों को ‘‘माँ’’ कहकर पुकारा गया है। धार्मिक परम्परा के अनुसार धन की देवी ‘‘लक्ष्मी माँ’’, ज्ञान की देवी ‘‘सरस्वती माँ’’ और शक्ति की ‘‘देवी दुर्गा माँ’’ मानीं गई हैं। नवरात्रों में ‘‘माँ’’ को नौ विभिन्न रूपों में पूजा जाता है। मुस्लिम धर्म में भी ‘‘माँ’’ को सर्वोपरि और पवित्र स्थान दिया गया है। हजरत मोहम्मद कहते हैं कि ‘‘माँ’’ के चरणों के नीचे स्वर्ग है। ईसाइयों के पवित्र ग्रन्थ में स्पष्ट लिखा गया है कि ‘‘माता के बिना जीवन होता ही नहीं है।’’ बौद्ध धर्म में महात्मा बुद्ध के स्त्री रूप में देवी तारा की महिमा का गुणगान किया गया है। यहूदियों की मान्यता के अनुसार उनके 55 पैगम्बर हैं, जिनमें से सात महिलाएं भी शामिल हैं। सिख धर्म में भी ‘‘माँ’’ का स्थान सबसे ऊँचा रखा गया है।
नवजीत भारद्वाज जी कहते है कि चाहे कोई भी देश हो, कोई भी संस्कृति या सभ्यता हो और कोई भी भाषा अथवा बोली हो, ‘‘माँ’’ के प्रति अटूट, अगाध और अपार सम्मान देखने को मिलेगा।
आज मां नवदुर्गा जी के षष्ठम स्वरुप मां कात्यायनी जी के निमित्त हवन यज्ञ मे विषेश रुप से आहुतियां डाली गई।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, श्रीकंठ जज, मुनीश शर्मा, निर्मल शर्मा,गुरवीर, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, समीर कपूर, मोनिका कपूर, अमरेंद्र कुमार शर्मा,बलजिंदरसिंह, रिंकू सैनी, वेद प्रकाश, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र,रोहित भाटिया,नवीन जी, प्रदीप, सुधीर, सुभाष डोगरा, ॠषभ कालिया, मरहवाहा,सुमीत ,अरुण कुमार,विक्की अग्रवाल ,गुप्ता,सुक्खा अमनदीप , अवतार सैनी,गौरी केतन शर्मा,सौरभ , नरेश,अजय शर्मा,दीपक , सौरभ मल्होत्रा,किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, सोनू , गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, ऐडवोकेट भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा,वरुण, नितिश, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश,नवीन कुमार, मनीष धीर,वरुण,निर्मल,अनिल,सागर,भूपेश मैनी,चिराग, अश्विनी शर्मा,अमृत,सचीन, तरुण, रमन,देवांश,तेजपाल,शैली बाबी, विशाल,बलविंदर,दीपक सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन-यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।