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एचएमवी में क्वांटम टू एआई: साइंटिफिक रोडमैप टू विकसित भारतञ्च2047 वार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न

हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में ”क्वांटम टू एआई. साइंटिफिक रोडमैप टू विकसित भारतञ्च2047ÓÓ विषय पर आयोजित दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन-सह-कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के तत्वावधान में आयोजित किया गया। दूसरे दिन के समन्वयक डॉ. जसविंदर सिंह (अध्यक्ष आईएपीटी, आरसी-02) थे। प्रायोगिक सत्र-ढ्ढ में प्रो. वाई.के. विजय (एफआरएससी, निदेशक सीआईएसटी, आईआईएस, जयपुर) और प्रो. हेमंत कुमार (सेवानिवृत्त निदेशक, एससीईआर, हिमाचल प्रदेश) संसाधन व्यक्ति थे। इस कार्यशाला के दौरान भौतिकी के प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। प्रो. हेमंत कुमार ने प्रकाश के विवर्तन और परमाणु दाब की अवधारणा आदि जैसे भौतिकी के मूलभूत नियमों को समझाते हुए प्रयोग प्रस्तुत किए। प्रो. वाई.के. यादव ने रमन प्रकीर्णन का प्रदर्शन किया और बताया कि कैसे तरल से गुजरने वाला प्रकाश माध्यम में रंग बदलता है। उन्होंने ठोस पदार्थों में परमाणु विन्यास और दोषों का भी प्रदर्शन किया और छात्रों की जिज्ञासा को शांत करने के लिए कई अन्य प्रयोग भी प्रस्तुत किए। प्रायोगिक सत्र ढ्ढढ्ढ में डॉ. बी.एस. सिद्धू (भौतिक विज्ञानी) और डॉ. जसविंदर सिंह (जस्विन लैब ऑन व्हील्स) संसाधन व्यक्ति थे। डॉ. बी.एस. सिद्धू (भौतिक विज्ञानी) ने भौतिकी को नवीन तरीकों से समझाने के लिए विभिन्न सिमुलेशन का प्रदर्शन किया। अपनी चलती-फिरती प्रयोगशाला के लिए मशहूर डॉ. जसविंदर सिंह (जसविन लैब ऑन व्हील्स) ने अपने प्रदर्शनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने इन सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला ने कहा कि इस अधिवेशन ने भौतिकी, क्वांटम विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में ज्ञान के आदान-प्रदान और नवाचारी सोच के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किए। उन्होंने कहा कि आज के युग में क्वांटम विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ‘विकसित भारतञ्च2047Ó के लक्ष्य तक पहुँचाने में वैज्ञानिक शोध, नवाचार और तकनीकी शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को नवीनतम वैज्ञानिक ज्ञान से जोड़ते हैं तथा उनमें अनुसंधान और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। समापन सत्र के दौरान विभिन्न संस्थानों से आए 150 से अधिक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे यह अधिवेशन बौद्धिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार यू.जी. श्रेणी में कुमारी धरमप्रीत कौर, बीयूसी, बटाला, पी.जी. श्रेणी में कुमारी राजदीप कौर, एचएमवी, जालंधर, रिसर्च स्कोलर में कुमारी हरप्रीत कौर, एचएमवी, जालंधर और फैकल्टी श्रेणी में श्री पवनबीर सिंह, बीयूसी, बटाला को प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार यू.जी. श्रेणी में कुमारी पलक, एचएमवी, जालंधर और कु. प्रेरणा, हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली को, पी.जी. श्रेणी में कुमारी दीक्षा कक्कड़, एचएमवी, जालंधर को, रिसर्च स्कोलर श्रेणी में श्री विवेक महाजन, आईकेजी पीटीयू और फैकल्टी श्रेणी में कुमारी कृतिका, डीएमएस, मॉडल टाउन, जालंधर को प्राप्त हुए। प्रधानाचार्य डॉ. एकता खोसला ने कहा कि इस समेलन ने भौतिकी, क्वांटम विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में ज्ञान के आदान-प्रदान और नवोन्मेषी सोच के लिए एक गतिशील मंच तैयार किया है। उन्होंने समेलन के संयोजक डॉ. सुशील कुमार और सह-संयोजक डॉ. सलोनी शर्मा और उनकी टीम को कार्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी। इस अवसर पर विज्ञान विभागों के सभी फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित थे।

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