
दिल्ली: केरल के बाद अब पश्चिम बंगाल, झारखंड और तमिलनाडु में निपाह वायरस के बढ़ते मामलों ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि संक्रमण को सीमाओं के पार जाने से रोकने के लिए एशिया के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सख्त जांच शुरू कर दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे भविष्य की महामारी के संभावित खतरों में शामिल किया है। आइए जानते हैं क्या है यह वायरस और कैसे एयरपोर्ट्स पर बरती जा रही है सख्ती।निपाह कोई साधारण वायरस नहीं है यह जूनोटिक वायरस है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों की लार और मल-मूत्र से फैलता है। यह वायरस सीधे मस्तिष्क में सूजन पैदा करता है। संक्रमित व्यक्ति मात्र 24 से 48 घंटे के भीतर कोमा में जा सकता है। वर्तमान में इस वायरस के लिए दुनिया में कोई वैक्सीन या ठोस इलाज उपलब्ध नहीं है।भारत से आने वाले यात्रियों के माध्यम से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मलेशिया, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों ने ये कदम उठाए संदिग्ध क्षेत्रों से आने वाले हर यात्री के शरीर के तापमान की जांच हो रही है। बुखार पाए जाने पर यात्रा पर रोक लगाई जा सकती है।