पी सीएम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर के डांस विभाग ने इंस्टीट्यूशन की इनोवेशन काउंसिल (IIC) के साथ मिलकर ‘कथक एक प्रोफेशनल स्किल के तौर पर और आज के समय में इसकी आर्टिकुलेशन’ टॉपिक पर एक नेशनल वेबिनार सफलतापूर्वकआयोजित किया। इसका मकसद कथक के बदलते पहलुओं को एक्सप्लोर करना था, जो एक क्लासिकल आर्ट फॉर्म और आज के समय में एक रिसोर्सफुल प्रोफेशनल तरीका दोनों हैं।

इस सेशन के लिए जाने-माने रिसोर्स पर्सन श्री विश्वदीप, कला चैतन्य सोसाइटी, नई दिल्ली के चेयरमैन थे। उन्होंने कथक की मूल भूत बातों पर गहरा और दिलचस्प वार्तालाप किया जिसमें अलग-अलग घरानों के ज़रिए इसकी समृद्ध विरासत के बारे में बताया गया और मॉडर्न कल्चरल माहौल में इसकी डायनामिक एडैप्टेबिलिटी पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने क्लासिकल डांस के फील्ड में बढ़ते प्रोफेशनल मौकों के बारे में भी डिटेल में बताया, और स्टूडेंट्स को कथक को सिर्फ़ एक पैशन के तौर पर नहीं बल्कि एक सस्टेनेबल करियर के तौर पर अपनाने के लिए बढ़ावा दिया।

प्रेसिडेंट श्री नरेश बुधिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री विनोद दादा, मैनेजिंग कमेटी के दूसरे मेंबर्स और प्रिंसिपल डॉ. पूजा पराशर ने स्पीकर के ज्ञान बढ़ाने वाले सेशन के लिए उनकी दिल से तारीफ़ की और डिपार्टमेंट और उसकी हेड, डॉ. सुगंधी भंडारी की भी तारीफ़ की कि उन्होंने ऐसीगतिविधि आयोजित की जिसके लिएविशेषज्ञताऔर टैलेंट की ज़रूरत होती है।