दिल्ली: फ्रांस ने अमेरिका को तगड़ा झटका दिया है। मैक्रों सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट से किनारा कर लिया है। कंपनी के सॉफ्टवेयर माइक्रोसॉफ्ट विंडोज को इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है। माइक्रोसॉफ्ट के सभी टूल्स का इस्तेमाल बंद कर दिया है। साथ ही पूरे सरकारी सिस्टम को Linux पर ले जाने का आदेश दिया गया है। फ्रांस की मैक्रों सरकार के इस फैसले को टेक वर्ल्ड के लिए बड़ा बदलाव का जा रहा है, जिसकी शुरुआत यूरोप कर रहा है।टेक वर्ल्ड में चर्चा है कि फ्रांस का सॉफ्टवेयर बदलने का मकसद डिजिटल वर्ल्ड की अमेरिका पर निर्भरता कम करना है। फ्रांस की एंट्री कराकर यूरोपीय देशों को कंट्रोल को बढ़ाना है। मैक्रों सरकार की ओर से कहा भी गया है कि अब अमेरिका को पीछे छोड़ने का समय आ गया है। अपने डेटा और डिजिटल सिस्टम पर खुद का अधिकार बनाने का समय आ गया है। फ्रांस की डिजिटल एजेंसी DINUM ने सॉफ्टवेयर को बदलने को फैसले की पुष्टि की है।Linux ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है और कोई भी इसमें बदलाव भी कर सकता है। Linux की सबसे बड़ी खासियत भी यही है। जबकि विंडोज पर सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का कंट्रोल होता है, जिस वजह से उसे वही इस्तेमाल कर सकते हैं, जो इसके लिए डील करेंगे। बदलाव करना तो दूर की बात है, जबकि Linux को देश अपनी जरूरत के हिसाब से ढाल सकता है, इसलिए फ्रांस ने इसे इस्तेमाल करने का फैसला किया।