हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला जी के दिशानिर्देशन में ‘बेटियों की लोहड़ीÓ का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के महत्व को रेखांकित करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने उपस्थित छात्राओं एवं अभिभावकों को लोहड़ी की बधाई देते हुए कहा कि बेटियाँ किसी भी रूप में बेटों से कम नहीं हैं। वे परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में समान रूप से योगदान दे रही हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत से नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। उन्होंने छात्रावास के सभी सदस्यों को इस सफल आयोजन हेतु बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा लोकगीतों, भांगड़ा एवं गिद्धा जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया। लोहड़ी के पारंपरिक प्रतीक—रेवड़ी, मूंगफली, तिल, गुड़ एवं पॉपकॉर्न का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का मुय संदेश ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ को समाज तक पहुँचाना था। महाविद्यालय परिवार ने बेटियों के समान, सशक्तिकरण और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने बेटियों के समान में इस सार्थक पहल की सराहना की। इस मौके पर डीन रैजीडैंट स्कालर्स डॉ. मीनू तलवाड़ एवं हॉस्टल वार्डनस श्रीमती जसबीर कौर, सुश्री अमनजोत कौर, सुश्री काजल भी उपस्थित थे।