
तरनतारन : घटिया मोमोज खाने से भाई-बहन की संदिग्ध मौत ने स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृत बच्चों के परिजनों ने पुलिस को बयान में बताया कि दोनों बच्चों ने रात में रेहड़ी वाले से खरीदे गए मोमोज और चाप खाए। खाने के बाद पूरी रात उल्टियां होती रहीं और बाद में दोनों सो गए। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया ताकि पूरे मामले की स्पष्टता हो सके। इसके अलावा रेहड़ी वाले को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।सामाजिक कार्यकर्त्ता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि जालंधर में भी इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए शहर भर में मोमोज और चाप बेचने वाले स्टॉल्स की नियमित जांच की जाए। सहगल ने बताया कि शहर के लगभग हर इलाके में अस्थायी स्टॉल, दुकानदार और छोटे विक्रेता यह फास्ट फूड बेच रहे हैं, लेकिन कई जगह स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा।उन्होंने चिंता जताई कि कई विक्रेता घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और भोजन को साफ-सफाई से तैयार या स्टोर नहीं किया जाता, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। खासकर बच्चे और युवा बड़ी संख्या में यह फास्ट फूड खाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है।