जालंधर: डी.ए.वी कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर प्राणी विज्ञान विभाग ने डार्विन प्राणी विज्ञान सोसाइटी के तत्वावधान में तथा भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम “विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत को गति प्रदान करते
हुए” विषय पर आधारित था।

कार्यक्रम का प्रारंभ प्रतिभागियों के पंजीकरण से हुआ, जिसके पश्चात् ‘हरित स्वागत समारोह’ आयोजित किया गया। यह समारोह पर्यावरण जागरूकता एवं स्थिरता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, कुलसचिव प्रो. अशोक कपूर तथा प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत पुरी की उपस्थिति में अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें डॉ. आशिमा पासी (विज्ञान विभागाध्यक्ष, अमर दीप सिंह शेरगिल मेमोरियल कॉलेज, मुकंदपुर), डॉ. अश्वनी कुमार (प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष, दोआबा कॉलेज, जालंधर), डॉ. सुरबजीत सिंह (समन्वयक, प्राणी विज्ञान विभाग, लायलपुर खालसा कॉलेज, जालंधर) तथा डॉ. राजविंदर कौर (सहायक प्राध्यापक, एन.जे.एस.ए. सरकारी कॉलेज, कपूरथला) सम्मिलित थे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक समृद्ध किया।

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास हेतु अनेक रोचक शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। ‘अनुसंधान विचार प्रस्तुति प्रतियोगिता’ ने विद्यार्थियों को जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। ‘एक प्रजाति अपनाएँ’ अभियान ने प्रतिभागियों को लुप्तप्राय प्रजातियों का अध्ययन करने तथा उनके संरक्षण हेतु व्यावहारिक उपाय सुझाने के लिए प्रेरित किया।इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता का विकास किया, वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाया तथा जैव विविधता एवं उसके संरक्षण के प्रति गहन समझ विकसित करने में सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सतत विकास तथा “विकसित भारत” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शैक्षणिक संस्थानों के सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया।

इसके पश्चात् प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं डीबीटी के समग्र समन्वयक डॉ. पुनीत पुरी ने एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने वैज्ञानिक प्रगति एवं राष्ट्रीय विकास में महिलाओं के योगदान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों में अनुसंधान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा इस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करने हेतु भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन सचिव डॉ. अभिनय ठाकुर द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने संकाय सदस्यों—प्रो. पूजा शर्मा (अध्यक्ष, डी.ज़ेड.एस.), डॉ. दीपक वधवान (विभागीय डीबीटी समन्वयक), डॉ. ऋषि कुमार, डॉ. कपिला महाजन एवं डॉ. पंकज बग्गा—के सहयोग की सराहना की।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने गैर-संकाय सदस्यों—श्री हैप्पी जॉन, श्री चंदर प्रकाश एवं श्री विकास—का व्यवस्थाओं में सहयोग हेतु धन्यवाद किया। साथ ही, कार्यक्रम को सफल बनाने में बौद्धिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए श्री अभिषेक तथा ध्वनि एवं दृश्य व्यवस्था संभालने के लिए श्री दीपक का विशेष आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का यह आयोजन वैज्ञानिक जागरूकता, नवाचार तथा विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की सराहना को प्रोत्साहित करने में पूर्णतः सफल रहा। इसने विद्यार्थियों को अनुसंधान एवं वैज्ञानिक अन्वेषण में सक्रिय रूप से भाग लेने हेतु प्रेरित किया।