सीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन एंड इनोवेशन ने “रैप एंड री-रैप – फैशन रीइमैजिंड” नामक एक प्रेरणादायक फैशन शो का सफल आयोजन किया। यह आयोजन रचनात्मकता, सतत सोच (सस्टेनेबिलिटी) और आधुनिक डिज़ाइन विचारों का सुंदर संगम रहा।

यह फैशन शो इस बात का उदाहरण था कि कैसे पुराने और इस्तेमाल किए गए मटीरियल को नए अंदाज़ में ढालकर समकालीन फैशन तैयार किया जा सकता है। छात्रों ने अपनी डिज़ाइन सोच और हुनर के ज़रिए सामान्य वस्तुओं को पहनने योग्य कला में बदल दिया।

इस शो में दो प्रमुख थीम्स प्रस्तुत की गईं, जो जिम्मेदार और रचनात्मक फैशन की सोच को दर्शाती हैं।

पहली थीम में पुराने कंबलों से बनाए गए डिज़ाइनों को प्रदर्शित किया गया। छात्रों ने टेक्सचर, लेयरिंग, स्ट्रक्चर और सिलेुएट के साथ प्रयोग करते हुए साधारण कंबलों को आधुनिक फैशन आउटफिट्स में बदला।
इन अनोखे डिज़ाइनों ने यह साबित किया कि सस्टेनेबल फैशन भी आकर्षक और हाई-फैशन हो सकता है।

दूसरी थीम पारंपरिक शॉल्स की रचनात्मक ड्रेपिंग पर आधारित थी। छात्रों ने विरासत में मिले इन वस्त्रों को आधुनिक डिज़ाइनों में ढालते हुए उनकी सांस्कृतिक और भावनात्मक पहचान को बनाए रखा।
इस प्रस्तुति ने परंपरा और आधुनिकता के बीच सुंदर संतुलन को दर्शाया।

दोनों थीम्स ने मिलकर यह संदेश दिया कि फैशन केवल उपभोग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, सोच-समझकर किया गया रचनात्मक कार्य होना चाहिए।

“रैप एंड री-रैप – फैशन रीइमैजिंड” छात्रों के लिए एक ऐसा मंच बना, जहाँ उन्होंने अपनी डिज़ाइन क्षमता, प्रयोगात्मक सोच और सस्टेनेबल फैशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रैंप पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस आयोजन ने एक्सपीरिएंशियल लर्निंग को बढ़ावा दिया, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिला।

यह फैशन शो यूनिवर्सिटी के उस दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जो छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने और भविष्य के डिज़ाइन में पुनः उपयोग व नवाचार को अहम मानता है।

आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से यह कार्यक्रम संभव हो पाया।
साथ ही, मोनू शर्मा, हेड – स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन एंड इनोवेशन, को विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया, जिनकी रचनात्मक सोच और नेतृत्व ने छात्रों और फैकल्टी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. सिमरनजीत कौर गिल, प्रो वाइस चांसलर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा:

“‘रैप एंड री-रैप – फैशन रीइमैजिंड’ हमारी यूनिवर्सिटी की सस्टेनेबिलिटी, रचनात्मकता और व्यावहारिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह देखकर खुशी होती है कि छात्र रोज़मर्रा और पारंपरिक वस्तुओं को जिम्मेदार फैशन में बदल रहे हैं।”

मोनू शर्मा, हेड – स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन एंड इनोवेशन ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा:

“यह फैशन शो इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि नवाचार और सस्टेनेबिलिटी साथ-साथ चल सकते हैं। ऐसे आयोजन छात्रों को जिम्मेदारी से सोचने, डिज़ाइन करने और रचनात्मक उद्योग की बदलती ज़रूरतों के लिए तैयार करते हैं।”
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