
लुधियाना: खुड मोहल्ला में उस समय सनसनी फैल गई जब एक शादी समारोह की खुशियां गोलियों की गड़गड़ाहट में बदल गईं। यहां अपने दोस्त की बहन की जागो के प्रोग्राम में शामिल होने आए सहजप्रीत सिंह को डांस करते समय अचानक गोली लग गई। लेकिन इस मामले में जो सबसे हैरान करने वाला मोड़ आया। जब गोली लगने के बाद घायल को संभालने की बजाय आरोपियों ने उसे बचाने के नाम पर एक ऐसी साजिश रची जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।पीड़ित के पिता संदीप सिंह ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उनके बेटे को गोली लगी, तो वहां मौजूद उसके दोस्तों ने परिवार को सूचित करना भी मुनासिब नहीं समझा। आरोपी युवक घायल सहजप्रीत को आनन-फानन में शहर के एक दूर स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां उन्होंने न केवल अपना और घायल का गलत नाम और पता लिखवाया, बल्कि पुलिस को गुमराह करने की नीयत से अस्पताल प्रशासन को भी अंधेरे में रखा। पिता का आरोप है कि हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब अस्पताल में बिना गोली निकाले ही सहजप्रीत के जख्म पर टांके लगवा दिए गए।