शैक्षणिक नवाचार और उद्यमिता के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से, Apeejay Institute of Management & Engineering, Jalandhar, के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (Entrepreneurship Development Cell) ने MSME (MSME Funding Awareness & Facilitation session) फंडिंग जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह सत्र श्री परदीप कुमार वर्मा, प्रधान निदेशक, CIHT जालंधर (MSME टेक्नोलॉजी सेंटर) द्वारा संचालित किया गया, जो शिक्षा एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 22 वर्षों के संयुक्त अनुभव वाले एक अनुभवी विशेषज्ञ हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश बग्गा ने कहा कि यह सत्र महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए एक व्यापक रोडमैप के रूप में काम आया, जिसमें स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय आधार पर ध्यान केंद्रित किया गया।
श्री वर्मा ने वर्तमान वित्तीय परिदृश्य का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा दी जाने वाली विभिन्न ऋण योजनाओं, सब्सिडी और क्रेडिट सुविधाओं को स्पष्ट किया।

सत्र की प्रमुख झलकियों में केंद्रीय ऋण योजनाओं और ब्याज सब्सिडी कार्यक्रमों (Central credit schemes and Interest subvention programs) से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल थी, जो नए व्यवसायों पर वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। साथ ही, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ों तथा सरकारी सहायता प्राप्त फंडिंग (Application procedures, documentation, and meeting the eligibility criteria for government-backed funding) के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

श्री वर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि MSME क्षेत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता प्रणालियों के बारे में जागरूकता की कमी के कारण कोई भी व्यवहार्य व्यावसायिक विचार विफल न हो।”

संस्थान के निदेशक, डॉ. राजेश बग्गा ने सत्र का समापन करते हुए कहा कि एक छात्र से व्यवसायी बनने की यात्रा केवल एक अच्छे विचार तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए उपयुक्त वित्तीय संरचना (financial scaffolding) की भी आवश्यकता होती है।

कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को उनके विशिष्ट व्यावसायिक मॉडलों पर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। यह व्याख्यान संस्थान की क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की सतत प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है। डॉ. बग्गा ने उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (Entrepreneurship Development Cell) तथा संकाय समन्वयकों— Mr. Amarpreet Singh, Ms. Parmjit Kaur, Ms. Rajinder Kaur, Dr Manpreet Kaur, and Ms. Nisha —के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।

डॉ. राजेश बग्गा