
सी टी यूनिवर्सिटी गर्व के साथ घोषणा करती है कि हरियाणा की रहने वाली और एमबीए की छात्रा कोमल ने एशियन ओपन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया है।
भारत और सी टी यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए, कोमल ने 57 किग्रा वेट कैटेगरी में ओवरऑल सिल्वर मेडल जीता और 211 किग्रा डेडलिफ्ट कर पुराने 210 किग्रा के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
उनका यह शानदार प्रदर्शन सी टी यूनिवर्सिटी और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
कोमल की इस सफलता की शुरुआत उनके बचपन के उस सपने से हुई, जब उन्होंने पहली बार पावरलिफ्टर बनने की सोची थी। समय के साथ उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें एक मजबूत खिलाड़ी बनाया। कठिन ट्रेनिंग शेड्यूल के साथ-साथ कोमल ने अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दिया और एमबीए में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
सी टी यूनिवर्सिटी से जुड़ने के बाद कोमल को लगातार संस्थान का पूरा सहयोग मिला—प्रोफेशनल ट्रेनिंग, फिटनेस गाइडेंस, सही रूटीन और फैकल्टी व खेल विभाग से निरंतर प्रोत्साहन। सी टी यूनिवर्सिटी की यही भावनात्मक और संसाधन आधारित सहायता कोमल की अंतरराष्ट्रीय सफलता के पीछे एक बड़ी ताकत रही है। यह विश्वविद्यालय की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें हर छात्र को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है।
सी टी यूनिवर्सिटी के चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कोमल की उपलब्धि पर गहरी खुशी जताई और कहा कि उनका यह विश्व रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के लिए सम्मान है और मेहनत, लगन और उत्कृष्टता का उदाहरण भी। उन्होंने कहा कि सी टी यूनिवर्सिटी हमेशा ऐसे छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
स्पोर्ट्स विभाग के प्रमुख गुरदीप सिंह ने कोमल की समर्पण भावना की सराहना की और बताया कि विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्रदान करता है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर सकें।
विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कोमल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपने को पूरा करना उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने सी टी यूनिवर्सिटी का धन्यवाद किया कि उन्हें सही माहौल, संसाधन और लगातार समर्थन मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से देशभर के युवा खिलाड़ी प्रेरित होंगे और अपने सपनों का पीछा हिम्मत और दृढ़ता के साथ करेंगे।
सी टी यूनिवर्सिटी कोमल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाती है और उन्हें शक्ति, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक मानती है। उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को फिर साबित करती है, जिसमें वह भविष्य के चैंपियंस तैयार करने में निरंतर प्रयासरत है।