दिल्ली: बीते कुछ समय से रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को एक बड़ा ‘हार्ट अटैक’ देखने को मिला। सोने और चांदी की कीमतों ने जहां गुरुवार को आसमान छूते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए थे, वहीं शुक्रवार को मुनाफावसूली की ऐसी आंधी चली कि सारा मुनाफा मिट्टी में मिल गया। गुरुवार को चांदी ने ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम का जादुई आंकड़ा छूकर सबको चौंका दिया था, लेकिन महज 24 घंटों के भीतर इसमें ₹85,000 की भारी सेंध लग गई। मार्च वायदा चांदी शुक्रवार दोपहर तक लुढ़ककर ₹3.35 लाख के स्तर पर आ गई। स्थानीय सर्राफा बाजार में भी स्थिति जुदा नहीं थी। दिल्ली में चांदी की कीमतें ₹20,000 (लगभग 5%) गिरकर ₹3,84,500 प्रति किलो पर आ गईं, जबकि एक दिन पहले ही यह ₹4.04 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर थी।सोने की कीमतों में आई गिरावट ने छोटे खरीदारों को तो राहत दी, लेकिन ऊंचे भाव पर दांव लगाने वाले निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। सोना ₹1,93,096 के अपने उच्चतम स्तर से अचानक ₹25,500 नीचे गिरकर ₹1,67,406 प्रति 10 ग्राम तक आ गया। राजधानी दिल्ली के बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹14,000 की बड़ी गिरावट के साथ ₹1,69,000 पर बंद हुआ।बड़े संस्थागत निवेशकों ने लंबे समय से चल रही तेजी का फायदा उठाते हुए भारी बिकवाली की। जब कीमतें अपने शिखर पर थीं, तब बड़े प्लेयर्स ने अपना पैसा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों को सहारा देने वाला कोई नहीं बचा।
वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में सुधार होने से सोने और चांदी जैसी संपत्तियों पर दबाव बढ़ गया। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो कीमती धातुओं की मांग में कमी आती है।