
दिल्ली: भारत में लिवर से जुड़ी बीमारियों और दूषित पानी से होने वाले संक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। हैदराबाद की दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज ने देश में हेपेटाइटिस ई की रोकथाम के लिए ‘Hevaxin’ वैक्सीन लॉन्च कर दी है। यह कदम भारत में लिवर फेलियर और गर्भवती महिलाओं में होने वाली मौतों को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
हेपेटाइटिस ई एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों के कारण फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 2 करोड़ लोग इस वायरस की चपेट में आते हैं, जिनमें से 70,000 की मौत हो जाती है। यह वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक है जिससे सालाना करीब 3,000 गर्भपात होते हैं। देश में ‘एक्यूट लिवर फेलियर’ के 15 से 45% मामलों के पीछे यही अकेला वायरस जिम्मेदार होता है।भारत के औषधि महानियंत्रक ने इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। आइए जानते हैं इसके बारे में मुख्य बातें यह वैक्सीन 18 से 65 वर्ष की आयु के लोगों को लगाई जा सकती है।वैक्सीन का प्रकार यह एक पुनः संयोजक वैक्सीन है जिसे क्लिनिकल ट्रायल्स में पूरी तरह सुरक्षित और असरदार पाया गया है हालांकि अभी आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं हुई है लेकिन जानकारों का कहना है कि लिवर फेलियर के महंगे इलाज की तुलना में इस वैक्सीन की कीमत काफी किफायती होगी