दिल्ली: यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों में अब एंट्री लेना आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने उन सभी बैरियर्स को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है जो उद्यमियों और स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। यह मामला सिर्फ टोल हटाने का नहीं है, बल्कि प्राधिकरण के उस सख्त तेवर का है जिसमें साफ़ कहा गया है कि अगर एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने खुद टोल गेट नहीं हटाए, तो वहां सरकारी बुलडोजर गरजेंगे।दरअसल, सेक्टर-28 और 29 के पास एक्सप्रेसवे से औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए खास रैंप बनाए गए थे। नियम के मुताबिक, यहां से आने-जाने वालों को टोल से छूट मिलनी थी। कुछ समय तक तो सब ठीक रहा, लेकिन पिछले पांच महीनों से एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने यहां गुपचुप तरीके से दोबारा वसूली शुरू कर दी। आलम यह था कि उद्यमियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को हर चक्कर के लिए लगभग 80 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे थे।बिना सर्विस रोड के एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना लोगों की मजबूरी है, और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर की जा रही इस वसूली ने औद्योगिक जगत में भारी नाराजगी पैदा कर दी थी। जब यह शिकायत YEIDA के पास पहुंची, तो प्राधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से Toll Plaza खत्म करने के निर्देश दे दिए।