
एपीजे स्कूल, टांडा रोड, जालंधर में वार्षिक समारोह को अपार हर्षोल्लास, भव्यता और उत्साह के साथ आयोजित किया गया | यह भव्य समारोह श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया, चेयरपर्सन, एपीजे एजुकेशन; सह-संस्थापक एवं कुलाधिपति, एपीजे सत्या विश्वविद्यालय; चेयरपर्सन एवं अध्यक्ष, एपीजे सत्या और स्वर्ण समूह; और चेयरपर्सन, एपीजे सत्या शिक्षा अनुसंधान फाउंडेशन के सम्मानित संरक्षण में आयोजित किया गया। इस समारोह को ‘ताल’ थीम के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया, जिसने एकता और समग्र विकास की भावना को अत्यंत खूबसूरती और कलात्मकता के साथ समाहित किया |
संस्थान के भव्य वार्षिक समारोह में, प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं एपीजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सम्मानित सदस्य श्री निर्मल महाजन ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर समारोह की शोभा बढ़ाई | यह समारोह ज्ञान और बुद्धि के प्रतीक के रूप में दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने ‘गुरु वंदना: आदर की ताल’ प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से उन्होंने समर्पण और प्रेम के साथ युवा मनों को आकार देने वाले शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस शुभ अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार चंदेल ने “वार्षिक सिम्फनी” के माध्यम से एक विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें संस्थान की उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए स्कूल की शैक्षणिक व सांस्कृतिक उपलब्धियों, खेल सफलताओं और संस्थान में आयोजित शानदार वार्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया |
समारोह में मनमोहक प्रदर्शनों की प्रत्येक श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जहाँ एक ओर योग नृत्य: ‘ताल में आत्मा’ में संतुलन, सद्भाव और आंतरिक शांति का प्रदर्शन किया गया, वहीं दूसरी ओर प्री-नर्सरी और नर्सरी के नन्हें-नन्हें व प्यारे विद्यार्थियों ने छोटे कदम, बड़ी खुशी के महत्व को दर्शाते हुए अपनी नृत्य कला, मासूमियत और उत्साह से सभी का दिल जीत लिया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए ‘रंगों का भंवर’ नामक एक जीवंत प्रदर्शन ने मंच को रिबन, ताल और कल्पना से भर दिया।
इस गरिमामय समारोह में विद्यालय द्वारा असाधारण उपलब्धि धारकों को गर्व और सम्मान के साथ पुरस्कृत किया गया, जो उन विद्यार्थियों के अदम्य समर्पण और दृढ़ता के उत्सव का साक्षी बना, जिन्होंने शिक्षा और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने विद्यालय व अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया |
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मंच पर एक गतिशील और ऊर्जावान माहौल का सृजन किया। विशेष रूप से, ‘ग्रूव गैलेक्सी’ और ‘जंगल की गूँज’ जैसे नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का परिचय देते हुए असम के प्रसिद्ध नृत्य ‘बीहू: फसल का सामंजस्य’ और ‘राजस्थानी: रेगिस्तानी भंवर’ जैसे मनमोहक प्रस्तुतियों ने उत्सव में पारंपरिक रंगों और भावनाओं का समावेश किया। प्रत्येक प्रदर्शन ने सद्भाव के मूल विषय को उजागर करते हुए विद्यार्थियों की असाधारण प्रतिभा और बहुमुखी कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया |
उपस्थित मुख्य अतिथि श्री ‘निर्मल महाजन’ ने अपने प्रेरणादायक ज्ञान के शब्दों के साथ सभा को संबोधित किया, और युवा शिक्षार्थियों को मूल्यों, रचनात्मकता और आत्मविश्वास से पोषित करने के लिए स्कूल के प्रयासों की सराहना की |
यह भव्य आयोजन ‘पंजाब की ताल’ नामक एक उच्च-उत्साही प्रदर्शन के साथ अपने सुंदर निष्कर्ष की ओर बढ़ा, जिसने जीवंत ढोल की थाप और पंजाबी जोश से पूरे वातावरण को भर दिया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल इंचार्ज श्रीमती सिमरनजीत कौर ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने गणमान्य व्यक्तियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस आयोजन को एक शानदार सफलता बनाने के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया और इसी के साथ ही एकता और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकात्मक अनुस्मारक, ‘राष्ट्रगान – एक दिल, एक ताल’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
एपीजे स्कूल, टांडा रोड, में आयोजित वार्षिक समारोह, 2025-26 वास्तव में सीखने, रचनात्मकता, संस्कृति और सामूहिक उपलब्धि का एक सामंजस्यपूर्ण उत्सव था, जो सच्चे अर्थों में “ताल” की भावना के साथ गूँज उठा |