
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनि देव महाराज जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान श्रीमती सुनीता शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को प्रवचनों का रसपान करवाते हुए कहते है कि श्रीकृष्ण जी और गांधारी के बीच हुए प्रसिद्ध वार्तालाप (जो महाभारत युद्ध के बाद हुआ था) से कई महत्वपूर्ण शिक्षाएं और सबक मिलते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने प्रभु भक्तों को बताया कि गांधारी ने अपने 100 बेटों और कौरव वंश के विनाश के लिए श्रीकृष्ण को दोषी ठहराया और उन्हें श्राप दिया कि उनका यादव वंश भी इसी तरह नष्ट हो जाएगा। श्रीकृष्ण जी ने इस श्राप को शांति से स्वीकार कर लिया। यह दर्शाता है कि कर्म के सिद्धांत से कोई नहीं बच सकता, यहां तक कि भगवान भी नहीं, जब वे मानव रूप में अवतार लेते हैं। व्यक्ति को अपने कार्यों का परिणाम भुगतना ही पड़ता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि यह वार्तालाप यह भी सिखाता है कि कुछ घटनाएं पूर्व-निर्धारित (भाग्य) होती हैं और उन्हें टाला नहीं जा सकता। यादवों का विनाश होना निश्चित था, और गांधारी का श्राप उस नियति को पूरा करने का केवल एक माध्यम बना।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि गांधारी का दु:ख और क्रोध स्वाभाविक था, लेकिन श्रीकृष्ण जी ने उन्हें यह अहसास कराया कि इस विनाश का मूल कारण कौरवों का अधर्म और उनका स्वयं का (गांधारी का) अपने बेटों को धर्म के पथ पर लाने में विफल रहना था। यह हमें सिखाता है कि दु:ख की घड़ी में दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी गलतियों और परिस्थितियों के व्यापक संदर्भ को समझना चाहिए।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि महाभारत का युद्ध धर्म की स्थापना के लिए लड़ा गया था। श्रीकृष्ण जी ने गांधारी को समझाया कि जहां अधर्म होता है, वहां विनाश अवश्यंभावी है। इससे यह शिक्षा मिलती है कि अंत में धर्म, न्याय और सदाचार की ही विजय होती है, भले ही इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़े।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि इस वार्तालाप से यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में कर्म, नियति, और धर्म का गहरा महत्व है और किसी भी विपत्ति के लिए केवल एक व्यक्ति को दोष नहीं दिया जा सकता, बल्कि इसके पीछे कई जटिल कारण और व्यक्तिगत कर्म होते हैं।
*नवजीत भारद्वाज ने बताया की मां बगलामुखी जी के निमित्त संपूर्ण फलदाई मासिक हवन यज्ञ का आयोजन 30 नवंबर दिन रविवार को मंदिर परिसर में किया जा रहा है सभी मां भक्तों को सादर सपरिवार यज्ञ में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया । उन्होंने सभी भक्तजन से ऐसे शुभ अवसर का सपरिवार मित्रगण संबंधियों सहित सम्मिलित होने का आवाहन किया।*
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा,उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,नवीन , प्रदीप,, गोरव गोयल, बाबा जोशी, संजीव शर्मा मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,दीपक कुमार भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।