
दिल्ली: श्रीलंका की राजनीति और खेल जगत से जुड़ा एक बड़ा नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व क्रिकेट कप्तान और पूर्व मंत्री अरजुन रणतुंगा पर सरकारी तेल कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच तेज हो गई है। देश की रिश्वत और भ्रष्टाचार जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया है कि रणतुंगा को संदिग्ध के रूप में गिरफ्तार कर पेश करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।श्रीलंका की भ्रष्टाचार या रिश्वत के आरोपों की जांच आयोग ने सोमवार को कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट न्यायालय को बताया कि सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन में ईंधन खरीद से जुड़े फैसलों के कारण लगभग 800 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का कथित नुकसान हुआ। यह नुकसान उस समय हुआ जब दीर्घकालिक ईंधन टेंडर रद्द कर महंगे दामों पर स्पॉट टेंडर लागू किए गए।आयोग की ओर से पेश हुईं सहायक निदेशक अनुषा सम्मंथप्पेरुमा ने अदालत को बताया कि वर्ष 2017–2018 के लिए प्रस्तावित तीन दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति टेंडर रद्द किए गए थे। इसके बाद लिए गए निर्णयों के कारण निगम को गंभीर वित्तीय क्षति उठानी पड़ी। इसी आधार पर CPC के पूर्व चेयरमैन धम्मिका रणतुंगा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है