
दिल्ली: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की बंद हो चुकी कंपनी ‘किंगफिशर एयरलाइंस’ के हजारों पूर्व कर्मचारियों के लिए साल 2025 के अंत में एक बड़ी खुशखबरी आई है। प्रवर्तन निदेशालय की कोशिशों के रंग लाने के बाद कर्मचारियों के लंबे समय से बकाया वेतन और अन्य भत्तों के भुगतान के लिए 311.67 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो पिछले कई सालों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थेयह राशि किसी सरकारी खजाने से नहीं बल्कि विजय माल्या की उन संपत्तियों से आई है जिन्हें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान जब्त किया था। ED ने माल्या के जिन शेयरों को कुर्क किया था उन्हें बाद में भारतीय स्टेट बैंक को सौंप दिया गया था। इन शेयरों को बेचने से प्राप्त हुई रकम से ही कर्मचारियों का हिस्सा निकाला गया है।चेन्नई के डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने 12 दिसंबर 2025 को आधिकारिक आदेश जारी कर इस रकम को ‘ऑफिशियल लिक्विडेटर’ को ट्रांसफर करने को कहा है जो अब इसे कर्मचारियों में वितरित करेंगे। आमतौर पर बैंक पहले अपना कर्ज वसूलते हैं लेकिन ED की विशेष पहल पर SBI के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रिब्यूनल में अर्जी दी कि बैंकों के कर्ज से पहले कर्मचारियों का बकाया चुकाया जाए।