
उत्तराखंड: उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और राज्य के राजस्व को मजबूत करने के लिए एक नई योजना लागू की जा रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि 1 जनवरी 2025 से बाहर से आने वाली सभी वाहनों को राज्य में प्रवेश करते समय ‘ग्रीन सेस’ देना होगा। यह शुल्क वाहन की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग होगा, जो 80 रुपये से लेकर 700 रुपये तक हो सकता है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में राजस्व समीक्षा बैठक में चिंता जताई कि इस योजना को दो साल से लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इससे राज्य को करीब 100 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं।एक बार दी गई ग्रीन सेस पूरी दिन के लिए मान्य होगी। इसके अलावा, अगर कोई वाहन 20 गुना शुल्क एक बार में भुगतान करता है तो उसे तीन महीने की छूट मिलेगी, और 60 गुना शुल्क देने पर एक साल की छूट भी मिलेगी।इस योजना के तहत शुल्क फास्टैग सिस्टम के माध्यम से लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से लगी सीमाओं पर पहले ही 10 बॉर्डर चेक पोस्ट तैयार हैं, जबकि 6 अन्य पर काम जारी है। प्रमुख बॉर्डर्स पर लगे NPR कैमरे सीधे फास्टैग से ग्रीन सेस काटेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से हर साल करीब 50 करोड़ रुपये की आय होगी, जिसे पर्यावरण संरक्षण और राज्य के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।