जालंधर: जालंधर के लाडोवाली रोड पर स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने सीटी ग्रुप के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का भव्य आयोजन कर उत्सव मनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।

समारोह के मुख्य अतिथि जालंधर के मेयर श्री वनीत धीर जी ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने पीढ़ियों को जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हलका इंचार्ज जालंधर श्री नितिन कोहली ने विद्यालय को 150 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण और सेवा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर माननीय जस्टिस नरेंद्र सूद की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। पद्म भूषण बजिंदर सिंह हमदर्द, मुख्य संपादक ‘अजीत’, ने पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विनीत चौधरी ने भी कार्यक्रम में शिरकत कर राष्ट्र निर्माण में सशक्त शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस.पी.एस. ग्रोवर ने विद्यालय के मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क पर गर्व व्यक्त किया। सीटी ग्रुप के चेयरमैन सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब सरकार के मंत्री श्री मोहिंदर सिंह केपी, पूर्व मेयर श्री जगदीश राजा, एलुमनी एसोसिएशन के सचिव श्री सुरिंदर सैनी तथा उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री जोशी भी समारोह में उपस्थित रहे।

सीटी ग्रुप प्रबंधन की ओर से श्री हरप्रीत सिंह और डॉ. मनबीर सिंह ने विद्यालय की सामाजिक और शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया।

70 से अधिक पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने अपने विद्यालय के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाया। इस अवसर पर विद्यालय की यात्रा और स्मृतियों को संजोती विशेष स्मारिका पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया।

छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों—सुमधुर गायन और मंच प्रस्तुतियों—ने समारोह को जीवंत और रंगीन बना दिया। प्राचार्य श्री योगेश कुमार ने सभी अतिथियों, सीटी ग्रुप, एलुमनी, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 150 वर्षों की यह यात्रा मूल्यों, परिश्रम और सामूहिक प्रयास का प्रतीक है।

कार्यक्रम का समापन गर्व और प्रेरणा के भाव के साथ हुआ, जिसने विद्यालय की विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया।