हंसराज महिला महाविद्यालय (एचएमवी), जालंधर द्वारा गाँव लिधड़ां में सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर पूरे उत्साह के साथ लगाया जा रहा है! इसमें सभी एनएसएस वालंटियर्स सक्रिय भागीदारी के साथ हिस्सा ले रहे हैं! शिविर के सभी दिनों की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य तथा मूल्य-आधारित शिक्षा को विशेष महत्व दिया जा सके। प्रत्येक दिन की शुरुआत सुबह फिटनेस एवं योग सत्र से हुई, जिसमें योग प्रशिक्षक ने स्वस्थ जीवन शैली के लिए योग के महत्व एवं लाभों की जानकारी दी। छात्रों की शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता, तनाव प्रबंधन तथा समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने हेतु विभिन्न योगासन करवाए गए। चूँकि यह दिन अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस के अवसर पर पड़ा, इसलिए एक ध्यान सत्र का भी आयोजन किया गया। वालंटियर्स ने पूरे मनोयोग से भाग लिया और शांति, सुकून तथा नई ऊर्जा का अनुभव किया, जिससे वे पूरे दिन सक्रिय एवं एकाग्र बने रहे। इसके बाद कार्यक्रम वालंटियर सुश्री हरमनू ने सभी को दिन की शैक्षणिक एवं साहित्यिक गतिविधियों की जानकारी दी। सभी वालंटियर्स आईटी कॉन्फ्रेंस हॉल में एकत्र हुए, जहाँ कार्यक्रम का शुभारंभ डी.ए.वी. गान के साथ हुआ। इसके बाद एनएसएस गीत हम होंगे कामयाब गाया गया, जिससे प्रेरणादायक एवं देशभक्तिपूर्ण वातावरण बना। दो भाषण (डिक्लेमेशन) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रथम विषय नॉट मी, बट यू – एनएसएस की भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व था, जिसमें प्रतिभागियों ने नि:स्वार्थ सेवा, सहानुभूति और समाज के प्रति प्रतिबद्धता जैसे एनएसएस के मूल मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। द्वितीय विषय स्वच्छ, हरित एवं समावेशी भारत के निर्माता के रूप में युवा रहा, जिसमें वालंटियर्स ने राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों का आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति एनएसएस की सच्ची भावना को दर्शाती थी। भाषण प्रतियोगिताओं के अतिरिक्त वृक्ष और मानव जीवन का संबंध विषय पर कविता प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी समूह के वालंटियर्स ने सक्रिय भागीदारी की। कविताओं के माध्यम से वालंटियर्स ने बताया कि किस प्रकार मनुष्य को वृक्षों से फल, छाया, ऑक्सीजन, पुस्तकें (कागज) और आजीविका जैसे अनगिनत लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही उन्होंने इस विडंबना को भी उजागर किया कि वृक्षों को काटने के बाद भी उनकी लकड़ी का उपयोग किया जाता है, फिर भी मनुष्य अंधाधुंध वनों की कटाई करता जा रहा है। प्रतिभागियों ने स्पष्ट किया कि वृक्षों की कटाई केवल प्रकृति को ही नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पहुँचाती है। यह प्रतियोगिता पर्यावरण संरक्षण के प्रति वालंटियर की गहरी चिंता और जिमेदारी को दर्शाती है। दोपहर उपरांत सत्र में वालंटियर्स के लिए मनोरंजक एवं टीम-बिल्डिंग खेलों का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य आपसी समन्वय, सहयोग और सौहार्द को मजबूत करना था। इन गतिविधियों से आनंद, उत्साह और टीम भावना का वातावरण बना। अगले दिन की थीम समग्र विकास हेतु कौशल एवं खेल शिक्षा रखी गई, जिसमें कौशल विकास, शारीरिक फिटनेस और अनुभवात्मक शिक्षण के महत्व पर बल दिया गया। दिन की शुरुआत प्रात:कालीन सभा से हुई, जिसके बाद दिन-4 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद वालंटियर्स ने राजकीय उच्च विद्यालय, लिधड़ां का दौरा किया। वहाँ विद्यार्थियों के लिए गतिविधि-आधारित एवं संवादात्मक शैक्षणिक कार्यशाला आयोजित की गई। एनएसएस वालंटियर्स ने पहेलियों, प्रश्नोत्तरी और शैक्षिक खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें वालंटियर्स और विद्यालय के विद्यार्थियों ने मिलकर भाग लिया। इसी दिन गृह विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर प्रो. वंदना गुप्ता ने स्किल टू सक्सेस विषय पर व्यावहारिक कौशल विकास सत्र आयोजित किया। उन्होंने घर में उपलब्ध सामग्री से चाट, पकौड़ी जैसी सरल, आकर्षक और पौष्टिक व्यंजन बनाना सिखाया। साथ ही नो-फायर रेसिपी भी बताई, जो किफायती होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल-आधारित शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय के शिक्षकों ने भी वालंटियर्स के प्रयासों की सराहना की। दोपहर उपरांत सत्र में महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान एवं वृक्षों की चुने (सफेदी) का कार्य किया गया। वालंटियर्स को समूह में बाँटकर परिसर के विभिन्न क्षेत्रों की जिमेदारी दी गई। छठे दिन की शुरुआत प्रात:कालीन सभा से हुई, जिसके बाद एनएसएस वालंटियर्स द्वारा दिन-5 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें कौशल विकास, खेल गतिविधियों और स्वच्छता अभियानों का विवरण दिया गया। इसके पश्चात एनएसएस प्रभारी एवं कार्यक्रम समन्वयक सुश्री हरमनू ने दिन की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए टीमवर्क और अनुशासन के महत्व पर मार्गदर्शन किया। इसके बाद वालंटियर्स गाँव लिधड़ां के गुरुद्वारा साहिब पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वच्छता विषय पर सुंदर भित्ति चित्र बनाए और स्वस्थ जीवन शैली के संदेश दिए। तत्पश्चात वालंटियर्स ने राजकीय उच्च विद्यालय, लिधड़ां में वृक्षों की चुने का कार्य एवं स्वच्छता अभियान चलाया, जिससे विद्यालय परिसर की सुंदरता में वृद्धि हुई और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश सशक्त हुआ। इस अवसर पर वालंटियर्स ने गाँववासियों के सहयोग एवं आतिथ्य के लिए आभार भी व्यक्त किया। ग्राम गतिविधियों के उपरांत वालंटियर्स ने अपाहज आश्रम का दौरा किया, जहाँ बुजुर्ग एवं दिव्यांगजन रहते हैं। वालंटियर्स ने स्नेह एवं संवेदनशीलता के साथ उनसे संवाद किया, खाद्य सामग्री वितरित की तथा आनंददायक गतिविधियों एवं हल्के नृत्य के माध्यम से खुशियाँ बाँटीं। इस अनुभव ने वालंटियर्स को मानवता, सहानुभूति और नि:स्वार्थ सेवा के मूल्यों से परिचित कराया। अंत में महाविद्यालय परिसर में एक विशेष वृक्ष चित्रांकन गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें वृक्षों को तिरंगे रंगों से सजाया गया। यह गतिविधि देशभक्ति, एकता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनी। पूरे एनएसएस शिविर के दौरान श्री नीरज अग्रवाल, डॉ. दीप्ति धीर एवं डॉ. बलजिंदर सिंह ने वालंटियर्स का मार्गदर्शन किया और उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया।