हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर के ‘स्किल्ड कोर्सेज हबÓ के अंतरगर्त ‘पीजी विभाग ज़ूलॉजीÓ द्वारा वर्मीकल्चर एवं वर्मी-कपोस्टिंग पर शार्ट-टर्म प्रमाणपत्र कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को पृथ्वी केंचुओं के वैज्ञानिक उपयोग द्वारा जैविक कचरे को उपयोगी खाद में परिवर्तित करने की तकनीक तथा पर्यावरण-अनुकूल कचरा प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कोर्स के दौरान छात्राओं को वर्मीकल्चर की मूल अवधारणाएँ, वर्मी-कपोस्ट यूनिट की तैयारी, अनुकूल परिस्थितियों का रख-रखाव, तथा रसोई कचरे के उपयोग से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। व्यावहारिक सत्र में प्रतिभागियों ने स्वयं वर्मी-कपोस्ट तैयार कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि से छात्राओं में न केवल पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हुई, बल्कि सतत विकास की दिशा में जागरूकता भी बढ़ी। हर प्रतिभागी ने सपूर्ण प्रक्रिया, निष्कर्ष और अवलोकन पर आधारित विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करवाई। कोर्स के सफल समापन उपरांत प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने कोर्स कोआर्डिनेटर्स श्रीमती बीनू गुप्ता, डीन अकादमिक एवं विभागाध्यक्ष, पीजी विभाग ज़ूलॉजी डॉ. सीमा मारवाहा, कोर्स इंचार्ज डॉ. साक्षी वर्मा एवं कोर्स इंस्ट्रक्टर श्री रवि कुमार को उनके सुदृढ़ मार्गदर्शन और कुशल संचालन हेतु बधाई दी। उन्होंने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह कोर्स विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उनमें पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित किया। संस्थान इस प्रकार के कौशल-आधारित एवं प्रायोगिक कार्यक्रम भविष्य में भी छात्राओं के उज्जवल करियर हेतु आयोजित करने के लिये प्रयासगत रहने के लिए विचारणीय हैं।