जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान समीर कपूर से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज मां भक्तों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नववर्ष 2026 के आगमन पर हमारा सबसे बड़ा संकल्प यह होना चाहिए कि हम बाहरी दुनिया की चकाचौंध और भौतिक उपलब्धियों की अंधी दौड़ से हटकर अपने आंतरिक उजास की ओर कदम बढ़ाएं।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि आधुनिक युग में हमने गैजेट्स, सुख-सुविधाएं और सामाजिक प्रतिष्ठा तो हासिल कर ली है, लेकिन मानसिक शांति और आत्मिक संतोष कहीं पीछे छूट गया है। अक्सर हम अपनी सफलता का आंकलन बैंक बैलेंस, पदोन्नति या सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रशंसा से करते हैं। ये बाहरी उपलब्धियां क्षणिक सुख तो दे सकती हैं, लेकिन जीवन की गहरी सार्थकता केवल आंतरिक उजास से ही संभव है। आंतरिक उजास का अर्थ है—स्वयं को जानना, अपने विचारों के प्रति जागरूक होना और विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि बाहरी दुनिया की प्रतिस्पर्धा तनाव और चिंता को जन्म देती है। जब हम भीतर की ओर मुड़ते हैं, तो हम अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित करना सीखते हैं। भौतिक वस्तुएं आज हैं, कल नहीं। लेकिन आत्म-बोध और करुणा जैसे गुण जीवनभर साथ रहते हैं और एक स्थायी सुकून प्रदान करते हैं। जब हम भीतर से शांत और संतुष्ट होते हैं, तो दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार अधिक सहानुभूतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण हो जाता है।
नवजीत भारद्वाज जी मां भक्तों को समझाते हुए कहते है कि प्रतिदिन कम से कम 15-20 मिनट मौन में बैठें। ध्यान के सरल तरीके मानसिक स्पष्टता लाने में सहायक हो सकते हैं। महापुरुषों की जीवनियाँ और आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ें। गीता प्रेस की पुस्तकें या दार्शनिक साहित्य आत्म-चिंतन की प्रेरणा देते हैं।
जो कुछ हमारे पास है, उसके लिए ईश्वर का आभारी होना सीखें। प्रतिदिन रात को सोने से पहले उन तीन बातों को लिखें जिनके लिए आप ईश्वर या प्रकृति के प्रति कृतज्ञ हैं। नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें। दिन का कुछ समय स्क्रीन-फ्री रखें ताकि आप स्वयं के साथ संवाद कर सकें।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि वर्ष 2026 में हमारा लक्ष्य केवल अधिक पाना नहीं, बल्कि बेहतर होना चाहिए। जब हमारा आंतरिक दीपक प्रज्वलित होता है, तो बाहरी दुनिया की बाधाएं स्वयं ही दूर होने लगती हैं। आओ, इस नववर्ष को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर इसे एक आत्म-साक्षात्कार की यात्रा बनाएं।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा,प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा,ऋषभ कालिया,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा,नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत,मनीष शर्मा, डॉ गुप्ता,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, वरुण, नितिश,रोमी,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल, रवि भल्ला,जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,प्रिंस कुमार, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल,अजय सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।