इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में 05 से 10 जनवरी 2026 तक एक सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “उच्च शिक्षा में समकालीन प्रवृत्तियाँ: शिक्षण पद्धति, शोध एवं संस्थागत नवाचार” विषय पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण–अधिगम विधियों, शोध अभिविन्यास तथा उच्च शिक्षा में हो रहे नवाचारों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय बहल द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने एफडीपी की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने हेतु नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को केवल अध्यापक तक सीमित न रखते हुए एक मार्गदर्शक एवं मेंटर के रूप में रेखांकित किया तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना के विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए “विकसित भारत” के राष्ट्रीय संकल्प से इसे जोड़ा।
एफडीपी के दूसरे दिन (06 जनवरी 2026) मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रमन जसवाल, सहायक प्राध्यापक, अंग्रेज़ी विभाग, लाला जगत नारायण हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय, ऊना उपस्थित रहे। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कला, संस्कृति, मूर्तिकला, पदार्थ विज्ञान, खगोल विज्ञान, चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में इसके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। इसी दिन दूसरे मुख्य वक्ता डॉ. दीपेंदर एटलस, सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग, लाला जगत नारायण हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय, ऊना ने वर्तमान परिदृश्य में समग्र शिक्षण दृष्टिकोण के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कक्षा शिक्षण को अधिक समावेशी, संवादात्मक एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया।
एफडीपी के तीसरे दिन (07 जनवरी 2026) प्रो. (डॉ.) योगेश चंदर सूद, प्रोफेसर, अंग्रेज़ी विभाग, एससीएसडी पीजी कॉलेज, भटोली ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने कथा–कथन की कला एवं समाज के निर्माण में साहित्य की भूमिका पर सारगर्भित विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि साहित्य, विशेषकर कथा साहित्य, के माध्यम से देशभक्ति, पर्यावरण चेतना एवं पारिवारिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मूल्यों को विद्यार्थियों में विकसित किया जा सकता है।
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धन, विचार-विमर्श एवं पेशेवर विकास का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार एवं राष्ट्रीय शिक्षा लक्ष्यों की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया। प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इससे प्राप्त ज्ञान को अपने शिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यों में लागू करने का संकल्प लिया।