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ईर्ष्या और इच्छा अनावश्यक विकार : नवजीत भारद्वाज*

जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनि देव महाराज जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान अमरेंद्र कुमार शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई। सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहे का अनुसरण करते हुए कहा कि *माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर।*
*आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर।* नवजीत भारद्वाज जी ने दोहे के गूढ़ अर्थ को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि माया और मन कभी नहीं मरते। शरीर तो नश्वर है और बार-बार बदलता है, लेकिन मनुष्य की आशा, तृष्णा और ईर्ष्या उसका पीछा नहीं छोड़तीं। यही कारण है कि मनुष्य बाहरी रूप से सब कुछ प्राप्त कर लेने के बाद भी आंतरिक रूप से अशांत बना रहता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने बताया कि मनुष्य का मन अत्यंत विचित्र होता है। दूसरों के सुख को देखकर दुखी होना ही ईर्ष्या है।ईर्ष्या एक अनावश्यक मानसिक विकार है, जिसका त्याग संभव है। यह भावना तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति स्वयं को किसी क्षेत्र में आगे बढ़ाने में असमर्थ पाता है। ईर्ष्या एक छिपी हुई वृत्ति है, जिसे धारण करने वाला व्यक्ति स्वयं भी स्वीकार नहीं कर पाता।
नवजीत भारद्वाज ने कहा कि ईर्ष्या का परिणाम प्राय: निष्फल ही होता है, क्योंकि जिन बातों से हम ईर्ष्या करते हैं, उन पर हमारा कोई वश नहीं होता। जब हम अपनी स्थिति बदलने में समर्थ नहीं हैं, तो दूसरों की स्थिति को कैसे बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईर्ष्या प्राय: अपने आसपास के लोगों — रिश्तेदारों, पड़ोसियों या व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों से ही होती है, अनजान व्यक्ति से नहीं।
नवजीत भरद्वाज जी ने प्रभु भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि दूसरों के दोष देखने के बजाय उनकी अच्छाइयों को खुले मन से देखना चाहिए और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए। किसी के धन, वैभव या सुख को देखकर यदि आत्ममंथन होता है, तो उसे नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक प्रेरणा के रूप में लेना चाहिए। कभी-कभी सफल व्यक्ति को देखकर आगे बढऩे का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,सरोज बाला, समीर कपूर, कमलजीत,अजीत कुमार,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, सुमीत,मनीष शर्मा,संजीव शर्मा, बलविंदर,रोहित भाटिया,मुकेश, अमनदीप शर्मा,प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।

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